यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा का भारत कनेक्शन, PM Modi के सामने अचानक निकाला पासपोर्ट- देखें VIDEO
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा का भारत से खास कनेक्शन है. जिसकी झलक उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी के सामने दिखाई.
PM Modi-Antonio Costa
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारत और यूरोपीय संघ (EU) के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया. इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा मुख्य अतिथि रहे. इसी ऐतिहासिक मौके पर भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच लंबे समय से चर्चित ट्रेड डील का औपचारिक ऐलान भी कर दिया गया.
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा एक साथ मंच पर नजर आए. पीएम मोदी ने इस समझौते को भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करार दिया.
एंटोनियो कोस्टा ने बताया ऐतिहासिक पल
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने इस मौके पर भावुक शब्दों में कहा "इस विशेष अवसर पर हमारा स्वागत करने के लिए प्रिय प्रधानमंत्री मोदी जी, आपका धन्यवाद। कल गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना हमारे लिए सौभाग्य की बात थी. भारत की क्षमताओं और विविधता का यह एक प्रभावशाली प्रदर्शन था. आज एक ऐतिहासिक क्षण है. हम व्यापार, सुरक्षा और जन-संबंधों में एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं."
एंटोनियो लुइस का भारत कनेक्शन
एंटोनियो कोस्टा ने भारत से अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया उन्होंने कहा "मैं यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष हूं, लेकिन मैं एक प्रवासी भारतीय नागरिक भी हूं. इसलिए, जैसा कि आप कल्पना कर सकते हैं, मेरे लिए इसका विशेष महत्व है. मुझे गोवा में अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया था और यूरोप और भारत के बीच का संबंध मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत मायने रखता है." इस दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना पासपोर्ट भी निकालकर दिखाया.
भारत-EU ट्रेड डील का हुआ औपचारिक ऐलान
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रणनीतिक साझेदारी, सुरक्षा सहयोग और लोगों के बीच रिश्तों को भी नई मजबूती देगा. उन्होंने इसे भारत की आर्थिक कूटनीति के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया.





