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कौन हैं Bimal Oberoi? धुरंधर के शिरानी बनकर छाए, ‘हो जाएगी बल्ले बल्ले’ सॉन्ग से किया था डेब्यू

'धुरंधर 2' की सफलता के बीच शिरानी का किरदार निभाने वाले बिमल ओबेरॉय की कहानी चर्चा में है. दलेर मेहंदी के सपोर्ट से शुरू हुआ सफर आज बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स तक पहुंच चुका है.

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( Image Source:  Instagram: bimaloberoi )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय7 Mins Read

Updated on: 29 March 2026 8:20 AM IST

आदित्य धर की 'धुरंधर' (Dhurandhar) फ्रेंचजी जबरदस्त हिट रही. 'धुरंधर 2' ने अब तक वर्ल्डवाइड 1000 करोड़ का अकड़ा पार कर लिया. फिल्म में कई मुख्य किरदार नजर आए. जिसमें एक था शिरानी का जो रहमान डकैत के आर्डर पर बंदूके बनाता था. इस किरदार को बिमल ओबेरॉय ने निभाया जो अब चर्चा में है. 'धुरंधर' फिल्म में शिरानी का किरदार निभाने वाले इस एक्टर-प्रोड्यूसर का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत म्यूजिक वीडियो और फिल्म प्रोडक्शन से की थी और बाद में धीरे-धीरे एक्टिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई. हाल ही में एक इंटरव्यू में बिमल ओबेरॉय ने अपने शुरुआती संघर्षों, दलेर मेहंदी के साथ अपनी गहरी दोस्ती और अपने करियर के उतार-चढ़ाव के बारे में खुलकर बात की.

क्या है दलेर मेहंदी से रिश्ता?

फरीदून शाहरयार के साथ हुई बातचीत में बिमल ने बताया कि दलेर मेहंदी उनके दोस्त, भाई और गुरु जैसी भूमिका निभाते हैं. उनकी दोस्ती 90 के दशक की शुरुआत में हुई थी, जब दलेर मेहंदी अभी सिर्फ 'दलेर पाजी' के नाम से जाने जाते थे. जब दलेर मेहंदी का प्रसिद्ध एल्बम 'बोलो ता रा रा' रिलीज होने वाला था तब उन्होंने बिमल से कहा था. 'बिमल, इस एल्बम को रिलीज होने दो, फिर मैं तुम्हें मुंबई ले चलूंगा' और उन्होंने वादा निभाया भी बिमल याद करते हुए बताते हैं, 'दलेर पाजी ने मुझे एक साल के लिए 12 चेक दिए. हर चेक 10,000 रुपये का था. उन्होंने एक साथ सारे चेक मुझे थमा दिए और कहा, 'यह तुम्हारा महीने का खर्च है. अब मुंबई जाकर अपनी मेहनत शुरू कर दो.' इस तरह दलेर मेहंदी ने बिमल को मुंबई में अपनी राह बनाने के लिए आर्थिक सहारा भी दिया और मार्गदर्शन भी किया.

म्यूजिक वीडियो से शुरू हुई ऑन-स्क्रीन जर्नी

बिमल ओबेरॉय की एक्टिंग की दुनिया में एंट्री भी काफी दिलचस्प तरीके से हुई. यह सब दलेर मेहंदी के हिट गाने 'हो जाएगी बल्ले बल्ले' के म्यूजिक वीडियो की शूटिंग के दौरान हुआ. बिमल बताते हैं, 'मैं बस दलेर पाजी के साथ शूटिंग देखने गया हुआ था. तभी डायरेक्टर ने कहा कि एक रोल खाली है क्या हम इसे बिमल को दे दें? पाजी ने तुरंत हां कर दी बस उसी दिन से तय हो गया. मुझे उस वीडियो में एक अहम रोल मिल गया और गाना जबरदस्त हिट हो गया.

पहली फिल्म थी 'तुम बिन'

एक्टिंग को अपना मुख्य पेशा बनाने से पहले बिमल ओबेरॉय ने कई साल पर्दे के पीछे काम किया. उन्होंने फिल्म निर्माण और प्रोडक्शन की बारीकियां सीखीं. उनकी पहली फिल्म अनुभव सिन्हा की 'तुम बिन' थी. बिमल बताते हैं, 'अनुभव सिन्हा ने मुझे कास्टिंग और स्क्रिप्टिंग का काम सौंपा. इसी के जरिए मैंने प्रोडक्शन की बहुत कुछ सीखा.' उससे पहले भी वे म्यूजिक इंडस्ट्री में एक्टिव थे. उन्होंने दलेर मेहंदी, पंकज उधास और सोनू निगम जैसे बड़े कलाकारों के म्यूजिक वीडियो और एल्बमों पर काम किया था. 'तुम बिन' के बाद उन्होंने एग्जीक्यूटिव प्रोडूसर के रूप में और कई फिल्मों में काम किया. इनमें राजेश मापुस्कर की 'फेरारी की सवारी' और 'सिंह इज किंग' जैसी फिल्में शामिल हैं. उन्होंने आमिर खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पीके' में भी प्रोडक्शन कंसल्टेंट के रूप में काम किया था.

आने वाले प्रोजेक्ट्स

बिमल ओबेरॉय के पास अभी कुछ बेहतरीन फिल्में पाइपलाइन में हैं. उनमें डेविड धवन की फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' शामिल है, इसके अलावा उन्होंने कनाडा में एक इंटरनेशनल फिल्म भी की है. 'धुरंधर' के बाद उन्हें प्रशांत नील (KGF के डायरेक्टर) की फिल्म 'ड्रैगन' में काम मिला है और इसकी शूटिंग भी शुरू हो चुकी है. वे थिएटर से भी जुड़े हुए हैं. पिछले तीन-चार सालों से वे स्टेज पर एक्टिंग कर रहे हैं और अब तक लगभग 50 शो कर चुके हैं.

रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना के साथ काम करने का अनुभव

पहले मिंट अखबार को दिए इंटरव्यू में बिमल ओबेरॉय ने रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना के साथ काम करने की यादें शेयर की थी. रणवीर सिंह के बारे में उन्होंने कहा, 'रणवीर पूरी तरह से अपने किरदार में डूबे हुए थे. फिल्म उनकी थी, इसलिए वो सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि फर्स्ट असिस्टेंट डायरेक्टर और प्रोड्यूसर की तरह भी काम कर रहे थे. मेरे पहले दिन उन्होंने मेरे साथ बहुत इमोशनल बातचीत की और ये सुनिश्चित किया कि मेरा सीन बिल्कुल सही माहौल में शूट हो. हालांकि उम्र में वो मुझसे छोटे हैं, लेकिन उनका प्रोफेशनल व्यवहार एक सीनियर आर्टिस्ट जैसा था.' अक्षय खन्ना के साथ उनका अनुभव भी बहुत खास रहा. बिमल बताते हैं, 'अक्षय बहुत शांत और इंट्रोवर्ट नेचर के इंसान हैं. हमारा पहला सीन गांव में उनके वेलकम का था. मैंने उन्हें बताया कि 30 साल पहले मैं अमृतसर में रहता था और विनोद खन्ना साहब डलहौजी आए थे तो मैं और मेरा दोस्त स्कूटर पर 7-8 घंटे की यात्रा करके उनसे मिलने गए थे. यह सुनकर अक्षय बहुत खुश हुए. जब मैं जाने लगा तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'बिमल, 30 साल नहीं, 31 साल हो गए.' उनके साथ काम करना बहुत अच्छा लगा.

'धुरंधर' का रोल मिलने में लगा काफी समय

बिमल ओबेरॉय ने बताया कि 'धुरंधर' फिल्म में शिरानी का रोल उन्हें आसानी से नहीं मिला. फिल्म का बड़ा हिस्सा शूट हो चुका था, तब भी इस किरदार के लिए सही एक्टर की तलाश चल रही थी. 'मैंने कई महीनों तक बार-बार ऑडिशन दिया. वे फीडबैक लेकर फिर बुलाते, फिर दोबारा ऑडिशन... यह सिलसिला काफी लंबा चला. आखिरकार जब मेरी मुलाकात डायरेक्टर आदित्य धर से हुई, तो उन्होंने कहा कि असली दाढ़ी बढ़ाओ और सिर मुंडवा लो. मैंने तुरंत हां कह दी क्योंकि यह एक शानदार रोल था.' इस रोल के लिए उन्हें काफी तैयारी करनी पड़ी. बिमल ने बताया कि 2018 में उन्होंने दोबारा एक्टिंग शुरू की थी, इसलिए 'धुरंधर' उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण और यादगार प्रोजेक्ट बन गया.

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