ताला तोड़ा तो पंखे से लटकी थी...9 साल बाद Rahul Raj Singh का दावा- जिंदा थी Pratyusha Banerjee, बचाने की बहुत की थी कोशिश
बालिका वधु फेम एक्ट्रेस प्रत्यूषा बनर्जी साल 2016 में अपने फ्लैट में मृत पाई गई थी. वह अपने एक्स बॉयफ्रेंड और एक्टर राहुल राज सिंह के साथ लिवइन में रही थी. लेकिन प्रत्यूषा जो जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाली थी अचानक उनके निधन ने पूरी इंडस्ट्री को सदमा दे दिया था. उनकी मौत ने कई तरह के सवाल उठाएं और उनके माता-पिता ने इसके लिए राहुल को गुनहगार माना.
टीवी की मशहूर दिवगंत एक्ट्रेस प्रत्यूषा बनर्जी (Pratyusha Banerjee) को लोग आज भी प्यार और दुख के साथ याद करते हैं. साल 2010 में आए सीरियल 'बालिका वधू' में उन्होंने आनंदी का किरदार निभाया था. छोटी सी उम्र में बाल-विवाह की शिकार हुई मासूम आनंदी की भूमिका में प्रत्यूषा ने इतना शानदार एक्टिंग किया कि रातों-रात वो हर घर की लाडली बन गईं. लोग उन्हें बेहद चाहने लगे उनकी मुस्कान, उनकी मासूमियत और उनकी मेहनत ने लाखों-करोड़ों दर्शकों का दिल जीत लिया. लेकिन जो प्रत्यूषा पर्दे पर हर समय हंसती-खिलखिलाती और खुश नजर आती थीं, असल जिंदगी में उनकी कहानी बिल्कुल अलग थी. वो अंदर ही अंदर बहुत परेशान और उदास रहने लगी थी. करियर का दबाव, रिश्तों की उलझनें और निजी समस्याओं ने उन्हें तोड़कर रख दिया था.
1 अप्रैल 2016 का दिन शुक्रवार था वो दिन प्रत्यूषा के चाहने वालों के लिए जिंदगी भर का सदमा बन गया. मुंबई के अपने फ्लैट में प्रत्यूषा ने पंखे से दुपट्टे की मदद से फांसी लगा ली. जब यह खबर बाहर आई तो हर तरफ सन्नाटा छा गया. किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि वो हंसती-खेलती लड़की अब इस दुनिया में नहीं रही. सबसे दुखद बात यह थी कि प्रत्यूषा ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा. इसलिए सारे सवाल और शक उनके तत्कालीन बॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह पर जाने लगे. प्रत्यूषा के माता-पिता ने सीधे-सीधे राहुल को उनकी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया और केस भी दर्ज कराया.
प्रत्यूषा पंखें से लटकी हुई थी
हाल ही में राहुल राज सिंह ने एक फ्री प्रेस जनरल को दिए इंटरव्यू में उस भयानक दिन की पूरी कहानी बताई. उन्होंने कहा, 'उस दिन मैं सबसे पहले मैं ही प्रत्यूषा के फ्लैट पर पहुंचा था. मैंने कई बार बेल बजाई, कॉल की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला. मेरे दिमाग में तरह-तरह के बुरे ख्याल आने लगे. मुझे लगा कहीं कुछ गलत न हो गया हो. मैंने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन नहीं टूटा फिर मैंने ताला तोड़ने वाले को बुलाया. हमारा और प्रत्यूषा का फ्लैट पास-पास ही था और दोनों की बालकनी आपस में जुड़ी हुई थी. मैं बालकनी के रास्ते उनके घर में झांका तो जो नजारा देखा, मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई. प्रत्यूषा पंखे से लटकी हुई थी. ताला तोड़ने वाला डर के मारे कांपने लगा. मैं किसी तरह अंदर घुसा और प्रत्यूषा को नीचे उतारा. उस वक्त भी उनकी सांस चल रही थी. मैं उन्हें गोद में उठाकर फौरन अस्पताल की ओर भागा. रास्ते में मैंने सीपीआर देने की पूरी कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते वो हमें छोड़कर जा चुकी थीं.'
अभी चल रहा है केस
राहुल की यह बातें सुनकर आज भी कई सवाल उठते हैं, क्योंकि प्रत्यूषा का परिवार आज भी उन्हें ही दोषी मानता है. साल 2023 में कोर्ट ने राहुल की उस अर्जी को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने खुद को इस केस से बाहर करने की मांग की थी. मतलब केस अभी भी चल रहा है. इधर राहुल ने जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश की. साल 2018 में उन्होंने सलोनी शर्मा से शादी कर ली और अब दोनों एक प्यारी सी बेटी के मम्मी-पापा भी बन चुके हैं. लेकिन प्रत्यूषा के फैंस आज नौ साल बाद भी उन्हें उतनी ही शिद्दत से याद करते हैं.
कौन थी प्रत्यूषा बनर्जी? कैसे शुरू हुई थी लव स्टोरी
10 अगस्त साल 1991 में जन्मी प्रत्यूषा भारतीय टीवी एक्ट्रेस थीं, जो रातों-रात पूरे देश की चहेती बन गई थी. वह जमशेदपुर, झारखंड से थी. साल 2010 में कलर्स चैनल के सुपरहिट सीरियल 'बालिका वधू' में बड़ी हुई आनंदी का रोल निभाया जो पहले अविका गोर ने निभाया था. इस रोल ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया. लोग उन्हें प्यार से 'आनंदी' ही बुलाने लगे. उसके बाद वो 'बिग बॉस' सीजन 7 (2013) में भी नजर आई. कुछ और शो किए जैसे 'झलक दिखला जा 6', 'पावर कपल' और 'कुमकुम भाग्य' में गेस्ट रोल, लेकिन 'बालिका वधू' ही उनकी पहचान बन गया सिर्फ 24 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई.
प्रत्यूषा और राहुल राज सिंह की मुलाकात साल 2014-15 के आस-पास हुई थी. राहुल राज सिंह उस समय एक प्रोड्यूसर और एक्टर थे. उन्होंने 'मट्की' नाम का सीरियल भी प्रोड्यूस किया था और कुछ म्यूजिक वीडियो में काम किया था. दोनों की पहली मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी (कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं कि ये फ्रेंड एक्टर सारा खान और पारस छाबड़ा के सर्कल से था). शुरुआत में दोस्ती हुई, फिर धीरे-धीरे दोनों करीब आए और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे. साल 2015 के अंत तक दोनों मुंबई में एक ही फ्लैट में साथ रह रहे थे (गोरेगांव के कंधिवली इलाके में). सोशल मीडिया पर दोनों अक्सर एक-दूसरे के साथ रोमांटिक फोटो डाला करते थे. वैलेंटाइन डे, बर्थडे, वेकेशन सब साथ मनाते थे. बाहर से सब कुछ बहुत खूबसूरत लग रहा था, लेकिन अंदर की कहानी बहुत उलझी हुई थी.
रिश्ते में क्या-क्या दिक्कतें आईं?
प्रत्यूषा के दोस्तों और परिवार का कहना था कि राहुल के साथ कई लड़कियों के अफेयर थे और वो प्रत्यूषा को धोखा दे रहा था. पैसों को लेकर भी झगड़े होते थे. प्रत्यूषा ने अपने सारे पैसे राहुल के बिजनेस में लगा दिए थे, जिसके बाद वो कर्ज में डूब गई थी. आखिरी कुछ महीनों में दोनों का रिश्ता बहुत खराब हो चुका था. प्रत्यूषा अपने करीबी दोस्तों को मैसेज कर रही थीं कि वो बहुत परेशान हैं और जिंदगी से थक चुकी हैं. 1 अप्रैल 2016 को सुबह-सुबह ही प्रत्यूषा ने वो कदम उठा लिया, जिसने सबको हिला कर रख दिया.





