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Shark Tank 5: मिज़ोरम की सबसे यूनिक ड्रिंक ने जीता दिल, लेकिन डील नहीं; 10 करोड़ की वैल्यूएशन पर भी नहीं बनी बात

मिजोरम की लोकल ऑल नेचुरल सोडा कंपनी ने शार्क टैंक इंडिया में अपनी पिच से सबका ध्यान खींचा. 10 करोड़ वैल्यूएशन और प्री-सीड फंडिंग के बावजूद 33% इक्विटी शर्त के कारण डील फाइनल नहीं हो सकी.

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( Image Source:  Instagram: localallnatural )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय

Published on: 13 Feb 2026 4:09 PM

यह पहली बार है जब मिजोरम के यूनिक और डिलीशियस ड्रिंक शार्क टैंक इंडिया जैसे बड़े नेशनल मंच पर पहुंचे हैं. यहां लोकल ऑल नेचुरल सोडा नाम की कंपनी ने शार्क्स के सामने अपना स्वदेशी क्राफ्ट सोडा पेश किया. यह एक ऐसी ड्रिंक है जो पूरी तरह नेचुरल इंग्रेडिएंट्स से बनता है और मिजोरम की पहाड़ियों की शुद्धता और ताजगी हर घूंट में महसूस होती है.

कंपनी के फाउंडर ज़ोमावी खियामग्टे और उनके पति फिलिप रोड्रिग ने शो में बताया कि उनका ब्रांड सिर्फ एक बिजनेस नहीं है, बल्कि एक बड़ा आंदोलन है. वे कहते हैं, 'हमारा सोडा बड़े लेवल पर बनाया जा सकता है. इसमें सिर्फ स्थानीय फल और सामग्री का इस्तेमाल होता है. हर बोतल में मिजोरम की पहाड़ियों की साफ-सुथरी ताजगी का स्वाद आता है. सबसे खास बात यह है कि हर बोतल उन छोटे किसानों और स्थानीय समुदायों की मदद करती है, जिन्होंने मिजोरम को इतना खास बनाया है.

कौन है यह कपल?

उन्होंने आगे कहा, 'हम सिर्फ पैसा कमाने के लिए ब्रांड नहीं बना रहे, बल्कि लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने का काम कर रहे हैं. ज़ोमावी ने अपनी कहानी भी सबके साथ शेयर की. वे मूल रूप से मिजोरम की रहने वाली हैं और मिजो समुदाय से ताल्लुक रखती हैं. उन्होंने बताया, 'मैं मिजोरम में बड़ी हुई हूं. बाद में पढ़ाई के लिए अमेरिका गई, जहां मेरी पहली साल में ही मेरे पति से मुलाकात हुई.' उनके पति फिलिप न्यूयॉर्क में एक बहुत अच्छे और अवार्ड विनिंग वाइन मेकर हैं. बाद में दोनों ने फैसला किया कि वे मिजोरम वापस लौटेंगे. उन्होंने अपनी सारी बचत लगाकर वहां एक छोटी शराब बनाने की भट्टी (ब्रूअरी) शुरू की.

कैसे शुरू किया?

लेकिन बाद में नियमों में बदलाव के कारण उन्होंने उसे सोडा बनाने के लिए इस्तेमाल किया और लोकल ऑल नेचुरल सोडा ब्रांड शुरू किया. शो के बाद ईस्टमोजो से बातचीत में ज़ोमावी ने बताया कि उन्हें ज्यादा तैयारी करने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि वे अपने बिजनेस को बहुत अच्छे से समझते हैं. बस फाइनेंशियल कुछ आंकड़ों को दोहराना पड़ा क्योंकि कोई तैयार चीट शीट नहीं थी. टीम ने उन्हें हर तरह से सपोर्ट किया. एक इंटरप्रेन्योर के तौर पर वे प्रोडक्ट दिखाने और बेचने के आदी हैं. उनका मिशन इतना मजबूत है कि यह उनकी कहानी का सबसे बड़ा हिस्सा है.

कैसे रही शार्क्स की डील?

उन्होंने कहा कि शार्क टैंक का अनुभव उनकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा बेहतर रहा. खासकर मोहित यादव जैसे इन्वेस्टर का उनके साथ पार्टनर बनने में रुचि दिखाना बहुत बड़ी बात थी. लेकिन कंपनी का एक तिहाई हिस्सा (33%) देना उन्हें भारी लग रहा था क्योंकि अभी कंपनी को बहुत लंबा सफर तय करना है. वे आगे बढ़ने के लिए सही स्ट्रेटेजिक पार्टनर चाहते हैं, लेकिन इस समय इतना बड़ा हिस्सा देने से अन्य इन्वेस्टर्स के साथ उनकी कमिटमेंट्स प्रभावित हो सकती हैं. इसलिए कोई डील फाइनल नहीं हुई.

कब हुई थी शुरुआत

लोकल ऑल नेचुरल सोडा की शुरुआत दिसंबर 2021 में हुई थी. इसका असल मकसद मिजोरम के छोटे किसानों को बेहतर बाजार अवेलेबल कराना था. कंपनी स्थानीय फलों जैसे पॉमेलो, खासी मंदारिन, रोजेला आदि का इस्तेमाल करके वैल्यू एडेड नेचुरल सोडा बनाती है. ये सोडा पूरी तरह नेचुरल हैं, कम शुगर (5-8.5%) वाले, कोई आर्टिफिशियल चीज नहीं. लॉन्च के बाद कंपनी तेजी से बढ़ी और पूर्वोत्तर के कई बड़े म्यूजिक फेस्टिवल में मुख्य पेय पार्टनर बनी. 2024 में इस स्टार्टअप ने 1.25 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 10 करोड़ रुपये) के वैल्यूएशन पर अपना प्री-सीड फंडिंग राउंड पूरा किया. यह मिजोरम में किसी स्टार्टअप द्वारा मिली पहली इक्विटी फंडिंग थी. यह फंडिंग अलसीसर इम्पैक्ट नाम के इन्क्यूबेटर ने मदद की, जो उत्तर-पूर्व और हिमालयी इलाकों के उभरते बाजारों पर फोकस करता है.

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