कोर्ट में दिखा राजपाल यादव का कॉमेडी अंदाज! CJI और एक्टर के बीच क्या हुई बातचीत? 13 अक्टूबर तक अल्टीमेटम
चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिली है. कोर्ट ने उन्हें 2 करोड़ रुपये जमा करने के लिए समय दिया है. सुनवाई के दौरान राजपाल यादव और CJI सूर्यकांत के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई, जिसमें अभिनेता ने ‘16 सावन’ फिल्म बनाने की बात कही. यही अंदाज अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है.
चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अभिनेता राजपाल यादव ने सुनवाई के दौरान अपनी फिल्मी जिंदगी और इस पुराने विवाद से हुए नुकसान का जिक्र किया. इसी दौरान CJI सूर्यकांत और राजपाल यादव के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई, जिसने सुनवाई को चर्चा में ला दिया. हालांकि, मजाकिया संवाद के पीछे मामला काफी गंभीर है और कोर्ट ने भुगतान को लेकर साफ निर्देश दिए हैं. जिसमें क्या कुछ कहा आइए जानते हैं...
कोर्ट ने कहा कि 13 अक्टूबर तक 2 करोड़ रुपए जमा करिए उसके बाद ही हम दिल्ली HC के उस आदेश के खिलाफ आपकी याचिका पर विचार करेंगे यानी एक तरह से कोर्ट ने एक्टर को अल्टीमेटम भी दिया है. वहीं अब राज्यपाल यादव और कोर्ट के बीच बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो में देखा जा सकता है कि राजपाल यादव किस तरह से हाथ जोड़कर CJI से हंसी मजाक कर रहे हैं तो वहीं कोर्ट ने उन्हें क्या आदेश दिया है और उनके लिए राहत की क्या बात है?
राजपाल यादव बोले- '16 सावन झेल के' बनाऊंगा फिल्म
CJI सूर्यकांत और राजपाल यादव की बातचीत. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिनेता राजपाल यादव ने खुद जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने अपना पक्ष रखा. बातचीत की शुरुआत हल्के-फुल्के अंदाज में हुई. CJI सूर्यकांत ने राजपाल यादव से पूछा कि कुछ नया बना रहे हैं या नहीं? राजपाल यादव ने हाथ जोड़कर कहा कि 'सर, प्रणाम करता हूं. ढाई-सौ फिल्में की हैं. पिछले 13 साल में ढाई-सौ करोड़ का नुकसान भी कर चुका हूं.' इसके बाद उन्होंने अपनी फिल्म अता पता लापता का जिक्र करते हुए कहा कि इस फिल्म में उनके करीब 17 करोड़ रुपये डूब गए.
राजपाल यादव ने दावा किया कि करीब 5 करोड़ रुपये के विवाद ने उन्हें कुल 22 करोड़ रुपये के नुकसान तक पहुंचा दिया. उन्होंने कहा कि फिल्म करीब 1200 थिएटर में रिलीज होने वाली थी, लेकिन विवाद और स्टे के कारण फिल्म रिलीज नहीं हो सकी. अभिनेता ने आगे कहा कि वह पिछले 16 साल से इस मामले को झेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह करीब 17 साल से लोगों का मनोरंजन करते आ रहे हैं और अब इसी मामले ने उनकी जिंदगी का बड़ा हिस्सा प्रभावित किया है.
राजपाल यादव की बात सुनने के बाद CJI सूर्यकांत ने हल्के अंदाज में कहा कि 'कोई अच्छी सी फिल्म बनाकर लोगों को इंटरटेन करो.' इस पर राजपाल यादव ने भी फिल्मी अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वह इसी पूरे मामले पर फिल्म बनाने जा रहे हैं और उसका नाम ‘16 सावन’ रखेंगे. इस तरह गंभीर कानूनी मामले की सुनवाई के बीच CJI सूर्यकांत और राजपाल यादव के बीच हुई यह बातचीत चर्चा में आ गई. हालांकि, अदालत में चल रहा मूल मामला चेक बाउंस और बकाया रकम से जुड़ा है.
'5 करोड़ ने डुबो दिए 22 करोड़'
राजपाल यादव ने कोर्ट के सामने अपने नुकसान का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्म से जुड़े 5 करोड़ रुपये के विवाद ने उन्हें करीब 22 करोड़ रुपये के नुकसान तक पहुंचा दिया. उन्होंने दावा किया कि फिल्म को थिएटर में रिलीज नहीं मिल सकी और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. ये राजपाल यादव की ओर से सुनवाई के दौरान रखी गई बात थी.
मामला क्या है?
यह मामला राजपाल यादव की 2010 की फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़े करीब 5 करोड़ रुपये के लोन और उसके भुगतान के लिए जारी चेक से जुड़ा है. मामले में कई चेक बाउंस हुए और विवाद लंबे समय तक अदालतों में चलता रहा. सुप्रीम कोर्ट में बुधवार की सुनवाई इसी पुराने चेक बाउंस विवाद से जुड़ी थी.
कोर्ट ने 2 करोड़ रुपये जमा करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव की ओर से पेश प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कुल 2 करोड़ रुपये जमा करने की प्रक्रिया तय की. राजपाल यादव ने 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट कोर्ट में जमा करने की व्यवस्था की है, जबकि उनकी पुश्तैनी संपत्ति के संभावित खरीदार की ओर से 85 लाख रुपये जमा किए जाने हैं. कोर्ट ने बाकी रकम के भुगतान के लिए आगे शेड्यूल तय करने की बात कही है. वहीं पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिनेता को राहत देने का आधार मुख्य रूप से शिकायतकर्ता को उसका पैसा वापस दिलाना है.
कोर्ट में हंसी-मजाक, लेकिन चेतावनी भी
सुनवाई में बातचीत का अंदाज भले ही कुछ देर के लिए हल्का रहा, लेकिन अदालत ने राजपाल यादव के पिछले अनुपालन को लेकर नाराजगी भी जताई. जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने चेतावनी दी कि आदेशों का पालन नहीं होने पर सजा बढ़ाने तक पर विचार किया जा सकता है यानी एक तरफ राजपाल यादव ने अपनी परेशानी को फिल्मी अंदाज में '16 सावन झेल के' नाम दिया, तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि पैसे के भुगतान और अदालत के आदेशों को गंभीरता से लेना होगा.




