'Sarke Chunar Tei Sarke' पर NCW का बड़ा एक्शन, नोरा फतेही-संजय दत्त को समन, गाना पूरी तरह से हुआ बैन
'सरके चुनर तेरी सरके' गाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है, NCW ने खुद संज्ञान लेते हुए कई लोगों को समन जारी किया है. सरकार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए इस गाने पर आधिकारिक बैन लगा दिया है.
Sarke Teri Chunar Sarke Controversy: राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने हाल ही में बहुत चर्चा में आए गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' को लेकर बड़ा कदम उठाया है. इस गाने में एक्ट्रेस नोरा फतेही और एक्टर संजय दत्त नजर आए हैं. आयोग ने खुद से इस मामले की जांच शुरू की है, क्योंकि कई लोगों का कहना है कि इस गाने के बोल और वीडियो बहुत अश्लील और अशोभनीय हैं. ये चीजें समाज में गलत संदेश फैला सकती हैं, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए ठीक नहीं हैं.
आयोग का मानना है कि गाने की सामग्री देखने में यौन उत्तेजना पैदा करने वाली, आपत्तिजनक और गलत लगती है. ये भारतीय न्याय संहिता (नई आपराधिक कानून), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) 2012 के कुछ नियमों का उल्लंघन कर सकती है. इसलिए एनसीडब्ल्यू ने कई लोगों को समन जारी किया है, जिसमें उन्हें आयोग के सामने आने के लिए कहा गया है:
- नोरा फतेही
- संजय दत्त
- गीतकार रकीब आलम
- निर्माता वेंकट के. नारायण (KVN ग्रुप से)
- निर्देशक किरण कुमार
इन सभी को 24 मार्च को दोपहर 12:30 बजे राष्ट्रीय महिला आयोग के दफ्तर में पेश होना है. आयोग ने साफ चेतावनी भी दी है कि अगर कोई व्यक्ति पेश नहीं होता, तो उसे गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
गाने पर सरकार का भी सख्त रुख
इस विवाद के बीच केंद्र सरकार ने भी कार्रवाई की है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में स्पष्ट कहा कि इस गाने पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है. उन्होंने कहा, 'गाने पर पहले ही बैन लग चुका है.' आगे उन्होंने जोर देकर कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी बहुत जरुरी है, लेकिन ये असीमित नहीं हो सकती. संविधान के निर्माताओं ने इस पर कुछ उचित प्रतिबंध लगाए हैं, और हमें उनका पालन करना चाहिए. मंत्री ने यह भी बताया कि अभिव्यक्ति की आजादी समाज, संस्कृति और खासकर महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा के रिफरेन्स में होनी चाहिए. समाज में जिम्मेदारी के साथ ही आजादी का इस्तेमाल होना चाहिए.
पहले भी हुई कार्रवाई
इससे पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी गाने के दोहरे अर्थ वाले और आपत्तिजनक बोलों को लेकर नोटिस जारी किया था. इसके अलावा, एक वकील और सामाजिक कार्यकर्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में शिकायत दर्ज की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि गाने के बोल बहुत अश्लील हैं और ये सार्वजनिक रूप से, खासकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सबके लिए उपलब्ध होने के कारण ठीक नहीं हैं. उन्होंने गाने के निर्माताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी. अब इस गाने को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध हुआ, कई संगठनों और कलाकारों ने भी इसे गलत बताया, और अब कानूनी स्तर पर कई एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं. गाना अब कई प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया गया है.




