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बहन ने कही ऐसी बात और नाना पाटेकर ने छोड़ दी स्मोकिंग, दिन में पी जाते थे 60-60 सिगरेट, नहाते वक़्त भी नहीं छोड़ते

नाना पाटेकर सिगरेट के आदी थी. उन्हें इतनी बुरी लत थी कि वह दिन की 60 सिगरेट पी जाते थे. बहन के बेटे की मौत के बाद जब उन्हें सिगरेट पीता देख बहन ने बोला कि उन्हें और क्या-क्या देखना होगा, यह बात नाना को चुभी और उन्होंने स्मोकिंग करना छोड़ दिया.

बहन ने कही ऐसी बात और नाना पाटेकर ने छोड़ दी स्मोकिंग, दिन में पी जाते थे 60-60 सिगरेट, नहाते वक़्त भी नहीं छोड़ते
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( Image Source:  ANI )
हेमा पंत
Edited By:हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 8 Oct 2026 9:13 AM IST

फेमस एक्टर नाना पाटेकर का निधन हो गया है. एक्टर ने फिल्मों में अपने दमदार किरदारों से अलग पहचान बनाई, लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया जब वह बेहद मुश्किल समय से गुजर रहे थे. 2 साल की उम्र में हुई बेटे दुर्वासा की मौत का उन पर गहरा असर पड़ा और इसी दौरान उन्हें सिगरेट की ऐसी लत लग गई, जिससे बाहर निकलना उनके लिए आसान नहीं था.

एक समय ऐसा था जब वह दिनभर में 60 सिगरेट पी जाते थे. हालात यहां तक पहुंच गए थे कि नहाते समय भी उनके हाथ में सिगरेट रहती थी. फिर उनकी बहन की कही एक बात ने नाना को भीतर तक झकझोर दिया. दरअसल उनकी बहन के इकलौते बेटे की मौत हो गई थी. एक दिन नाना को सिगरेट पीते देख उनकी बहन ने कहा कि उन्हें और क्या-क्या देखना पड़ेगा. बस इसके बाद उन्होंने सिगरेट पीना छोड़ दिया.

क्यों नाना ने पीनी शुरू की थी सिगरेट

नाना की जिंदगी में कम उम्र में ही पिता का साया उठ गया था. जब वह करीब 28 साल के थे, तब उनके पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. परिवार में उनके दो भाई अशोक और दिलीप पाटेकर भी हैं. बाद में बेटे दुर्वासा को खोने का दुख भी उनकी जिंदगी का बेहद कठिन दौर बना. बताया जाता है कि इस सदमे के बाद उनका सिगरेट पीना और बढ़ गया था.

एक दिन में नाना कितनी पीते थे सिगरेट?

नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में अपनी इस पुरानी आदत का जिक्र किया था. उन्होंने बताया था कि वह एक दिन में करीब 60 सिगरेट पी लिया करते थे. यानी 20-20 सिगरेट वाली तीन डिब्बियां एक दिन में खत्म हो जाती थीं. उनका कहना था कि सिगरेट पीना उनकी इतनी बड़ी आदत बन चुकी थी कि वह नहाते वक्त भी इसे नहीं छोड़ते थे.

कार में नहीं बैठते थे लोग

इस आदत का असर उनके आसपास के लोगों पर भी पड़ता था. नाना ने बताया था कि उनकी कार में लोग बैठना पसंद नहीं करते थे, क्योंकि अंदर सिगरेट के धुएं और गंध की वजह से काफी बदबू रहती थी. वह शराब के बहुत ज्यादा आदी नहीं थे, लेकिन सिगरेट को लेकर उनकी आदत बेहद खराब हो चुकी थी.

कैसे छूटी सिगरेट की लत?

नाना के मुताबिक, एक दिन उनकी बहन ने उनसे ऐसी बात कही, जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया. बहन ने इकलौते बेटे की मौत के बाद कहा कि आखिर उन्हें और क्या-क्या देखना बाकी है. नाना को यह बात इतनी चुभी कि उन्होंने उसी दिन सिगरेट छोड़ने का फैसला कर लिया. इसके बाद उन्होंने खुद से कहा कि आज सिगरेट नहीं पीऊंगा. फिर अगला दिन भी बिना सिगरेट के गुजारा और धीरे-धीरे दिन बढ़ते गए. करीब पांच दिन बाद उन्होंने अपनी बहन को बताया कि उन्हें सिगरेट छोड़े पांच दिन हो चुके हैं. नाना ने बताया था कि उन्होंने इसी तरह हर दिन खुद से कहा कि आज नहीं पीऊंगा और देखते ही देखते यह आदत उनकी जिंदगी से दूर हो गई. उनके मुताबिक, सिगरेट छोड़े उन्हें करीब 20 साल हो चुके हैं.

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