मिट्टी का मॉडल, 24 कैरेट सोने की सजावट, जानें Ramayana फिल्म के लिए कैसे बनाया गया रावण का सिंहासन, इतने करोड़ रुपये हुए खर्च
फिल्म 'रामायण' में रावण की सोने की लंका और उसके शाही ठाठ-बाट को दिखाने के लिए मेकर्स ने छोटी से छोटी चीज पर ध्यान दिया है. इस भव्य सिंहासन को बनाने में 4 महीने और 1 करोड़ रुपये खर्च हुए.
फिल्म 'रामायण' में भगवान राम, सीता और रावण के किरदारों की चर्चा तो हो ही रही है, लेकिन पर्दे पर दिखाई गई भव्य लंका भी लोगों का ध्यान खींच रही है. खासकर रावण का सिंहासन, जिस पर बैठकर वह अपने सोने की नगरी का राजा नजर आता है. इसे देखकर शायद आपके मन में भी सवाल आया होगा कि आखिर इतना शानदार सिंहासन कैसे तैयार किया गया? 'प्रभात खबर' के साथ एक इंटरव्यू में फिल्म के आर्ट डायरेक्टर रमेश ने इसके पीछे की पूरी कहानी बताई है.
क्या आप जानते हैं कि यह सिंहासन सिर्फ कंप्यूटर ग्राफिक्स का कमाल नहीं, बल्कि असल में तैयार किया गया है? इसे बनाने के लिए पहले मिट्टी का मॉडल तैयार हुआ और फिर 24 कैरेट सोने की परत से इसे खास चमक दी गई. इस शाही सिंहासन को तैयार करने में कारीगरों को चार महीने का समय लगा.
रावण के सिंहासन के लिए बनाए गए थे इतने सेट
नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' को बड़े पर्दे पर उतारना आसान काम नहीं था. इसकी कहानी के साथ-साथ हर छोटी-बड़ी चीज को खास अंदाज में तैयार किया गया है. फिल्म के आर्ट डायरेक्टर रमेश ने 'प्रभात खबर' को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह फरवरी 2024 में इस प्रोजेक्ट से जुड़े थे. हालांकि, सेट बनाने का असली काम अप्रैल 2024 में मुंबई की फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में शुरू हुआ. उनके मुताबिक, फिल्म के लिए 150 से ज्यादा सेट बनाए गए. किसी भी सेट को पहली कोशिश में फाइनल नहीं किया गया. एक चीज को पर्दे पर सही दिखाने के लिए उसके 10 से 15 अलग-अलग डिजाइन और सैंपल तैयार किए जाते थे. करीब तीन महीने की तैयारी के बाद सेट बनाने का काम शुरू हुआ.
कैसे बना रावण का सिंहासन?
फिल्म में रावण का सिंहासन सबसे खास चीजों में से एक है. इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी सोने की नगरी के राजा के लिए बनाया गया हो. इसकी सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे केवल वीएफएक्स के जरिए नहीं दिखाया गया था, बल्कि असल में तैयार किया गया था. आर्ट डायरेक्टर रमेश के मुताबिक, सबसे पहले सिंहासन का मिट्टी से एक मॉडल बनाया गया. इसके बाद उसका सांचा तैयार किया गया और फिर फाइबर की मदद से असली सिंहासन को आकार दिया गया. इसे ऐसा रूप दिया गया कि पर्दे पर रावण की ताकत और उसके राजसी अंदाज का एहसास हो सके.
24 कैरेट गोल्ड लीफिंग से सजा सिंहासन
इस सिंहासन की खूबसूरती बढ़ाने के लिए 24 कैरेट सोने की पत्ती यानी गोल्ड लीफिंग का इस्तेमाल किया गया. इसकी वजह से सिंहासन पर असली सोने जैसी चमक दिखाई देती है. यही कारण है कि सिंहासन इतना भव्य लगता है.
सिंहासन बनने में कितने लगे पैसे?
इस सिंहासन को तैयार करना कोई एक-दो दिन का काम नहीं था. रमेश ने बताया कि इसे बनाने में करीब चार महीने लगे और इसकी लागत लगभग 1 करोड़ रुपये आई. यानी पर्दे पर कुछ मिनट दिखाई देने वाली इस चीज के पीछे महीनों की मेहनत और बड़ी रकम खर्च हुई.




