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Dhurandhar 2: उजैर बलूच ने खेली थी लयारी में कटे सिर से फुटबॉल, इस पाकिस्तानी ने बताया सच

फिल्म 'धुरंधर' में दिखाए गए लियारी गैंगवार को लेकर नबील गबोल ने इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया है. उन्होंने रहमान डकैत और उजैर बलूच के दौर की असल सच्चाई सामने रखी है.

Uzair Baloch terror
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( Image Source:  X: @Uzairbaloch, @Nabilgabol )
रूपाली राय
By: रूपाली राय5 Mins Read

Updated on: 27 March 2026 4:58 PM IST

फिल्म 'धुरंधर' फ्रैंचाइजी (Dhurandhar) में लयारी के गैंगवार को नाटकीय और सनसनीखेज तरीके से दिखाया गया है. इसमें अक्षय खन्ना रहमान डकैत के रोल में हैं, जो लयारी के गैंगस्टर के रूप में पेश किए गए हैं. उनके साथ एक पॉलिटिशियन का किरदार जमील जमाली जिसे राकेश बेदी ने निभाया है वह वास्तविक जीवन में नबील गबोल (Nabeel Gabol) पर आधारित माना जाता है.

फिल्म में इन दोनों के बीच राजनीति, क्राइम और पावर का गठजोड़ दिखाया गया है, जिसमें लयारी को टेरर का अड्डा बताते हुए खौफ और हिंसा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया. लेकिन असलियत कुछ अलग थी. नबील गबोल ने एक इंटरव्यू में फिल्म के चित्रण पर अपनी बात रखते हुए वास्तविक कहानी बताई है कि आखिर रहमान डकैत उनके कितने करीबी थे और लयारी में किस हद तक खौफ था.

फिल्म वर्सेज रियलिटी

1988 में जब नबील गबोल पहली बार सिंध प्रांतीय असेंबली (MPA) चुने गए उसी दौरान उनकी पहली मुलाकात रहमान डकैत से हुई. सियासी हलचल के पॉडकास्ट में नबील से पूछा गया कि रहमान डकैत से उनका क्या करीबी ताल्लुक था और यह कैसे कायम हुआ?. गलोब ने जवाब दिया, 'मैं उस वक्त लयारी से MNA था और लयारी में रहमान उस वक्त मौजूद था तो रहमान को मैंने अमन कमिटी बनाने में बड़ी मदद की. मैंने रहमान से कहा कि क्राइम की दुनिया छोड़कर अमन कमिटी बनाओ और इस अमन कमिटी के नाम से लयारी के अंदर पीस लेकर आओ. लयारी के अंदर ये गैंग वार खत्म करो. ये टास्क मैंने रहमान को ही दिया था कि आप जिम्मेदार होंगे. अगर लयारी में कहीं भी गोली चलेगी तो आप जिम्मेदार होंगे. लिहाजा आप लयारी को कंट्रोल करें, पुलिस के साथ मिलकर. अगर पुलिस नहीं करती तो भी ये आपका भी फर्ज है.'

रहमान का था स्पोर्ट

नबील ने बताया कि MPA बनने के बाद कलाकोट का इलाका था. साल 1988 में जब वह MPA बनें थे तब रहमान डकैत ने उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की और वह मिलने को तैयार हो गए और यहीं से दोनों के करीबी रिश्ता शुरू हुआ. वह इस पॉडकास्ट में मानते है कि रहमान डकैत एक कराची का एक जाना मना गैंगस्टर था. लेकिन वह मानते है कि रहमान ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को सपोर्ट किया क्योंकि मोहतरमा बेनजीर भुट्टो साहिबा के चाहने वाले गैंगस्टर भी थे और आम लोग भी थे.

लयारी का असली गैंगस्टर कौन?

नबील ने बताया कि रहमान असल खौफ-टेरर तो रहमान के जाने के बाद शुरू हुआ उजैर बलूच के वक्त में. नबील ने कहा, 'हम मानते हैं और इसको डिनाई नहीं करते क्योंकि सब मीडिया जानती हैं कि रहमान के बाद उजैर आया और उजैर के वक्त में कटे सिर से फुटबॉल खेला था लयारी में. उजैर के वक्त में ये सारी चीजें होती थी. रहमान के वक्त में टेरर नहीं था. फिल्म में जो एक टेरर, एक खौफ की कहानी रहमान को लेकर दिखाया जा रहा है ऐसा नहीं था उसके समय में.'

रहमान के आंकउटर के पीछे दो वजहें

बता दें कि नबील के मुताबिक, साल 2006 में रहमान डकैत गिरफ्तार हुआ लेकिन वह फरार हो गया. हालांकि 2009 में हमान डकैत का एसपी असलम चौधरी की लीडरशिप में एनकाउंटर हो गया. नबील कहते है इस एनकाउंटर की दो कहानियां हैं. एक पुलिस की दूसरी जाती दुश्मनी की. सच्चाई अभी भी विवादित है. चौधरी असलम को गबोल सम्मान देते हैं क्योंकि उन्होंने पुलिस की कुर्बानियां दी. उनके घर पर बम धमाका हुआ, परिवार बच गया. असलम गैंगस्टरों के साथ-साथ TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) जैसे दहशतगर्दों से भी लड़ रहे थे. गबोल उन्हें हीरो मानते हैं.

क्या कहना है अक्षय खन्ना के बारें में?

वहीं फिल्म में रहमान के किरदार को बॉलीवुड के दिग्गज अक्षय खन्ना ने बेहद शानदार तरीके से निभाया गया. जिसे न सिर्फ इंडिया में बल्कि पकिस्तान में भी खूब पसंद किया गया. नबील ने अक्षय को लेकर कहा है कि उन्होंने बखूबी रहमान डकैत का किरदार निभाया है. उनका मानना है कि दोनों की शक्लें भी मिलती है बस हाइट भी मिलती है बस अक्षय लंबे है और रहमान हाइट कम थी.

'धुरंधर 2' से घबराए नबील

फिल्म 'धुरंधर' फ्रैंचाइजी में राकेश बेदी ने नबील गलोब का किरदार निभाया है. जब पहले पार्ट की रिलीज के बाद अपने किरदार को देखकर नबील पहले खुश थे लेकिन धुरंधर 2 की रिलीज के बाद उनके होश उड़ गए जब उन्हें धुरंधर २ से बड़ा झटका लगा जब जमील जमाल को एक भारतीय जासूस के तौर पर दिखाया. जिसके बाद पकिस्तान में नबील की आलोचना हुई और उन्हें लाइमलाइट से दूर रहना पड़ा.

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