कौन हैं अनीता आडवाणी, राजेश खन्ना के साथ क्या था रिश्ता, क्यों मांगती रहीं पत्नी का दर्जा, सुप्रीम कोर्ट से भी मिला झटका
राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को पत्नी का कानूनी दर्जा दिलाने की लड़ाई लड़ रहीं अनीता आडवाणी को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली. आखिर कौन हैं अनीता, कैसे शुरू हुआ उनका फिल्मी करियर और राजेश खन्ना से क्या था उनका रिश्ता? जानिए उनकी जिंदगी, विवाद और सालों तक चली कानूनी लड़ाई की पूरी कहानी.
दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को शादी की कानूनी मान्यता दिलाने की कोशिश कर रहीं अनीता आडवाणी को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है. 29 अक्टूबर 2026 को जस्टिस एम.एम.सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी.वराले की पीठ ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया. सुनवाई में अदालत ने इस मुकदमे को 'लक्जरी लिटिगेशन'भी कहा.
अनीता चाहती थीं कि राजेश खन्ना के साथ उनके रिश्ते को कानूनी रूप से शादी माना जाए. इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी उनकी अपील खारिज कर दी थी.अदालतों के सामने सबसे बड़ी अड़चन यह थी कि राजेश खन्ना ने अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से शादी की थी और दोनों का कानूनी तलाक नहीं हुआ था. ऐसे में अनीता के रिश्ते को शादी का दर्जा देने की मांग स्वीकार नहीं की गई.इस फैसले के साथ अनीता को अपनी लंबी कानूनी लड़ाई में एक और झटका लगा है.
कौन हैं अनीता आडवाणी?
अनीता आडवाणी पूर्व एक्ट्रेस हैं.हालांकि,उन्हें फिल्मों से ज्यादा पहचान राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को लेकर मिली.राजेश के निधन के बाद जब उन्होंने अपने संबंधों को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू की, तब उनका नाम लगातार सुर्खियों में आने लगा.
अनीता का दावा रहा है कि वह राजेश खन्ना के जीवन के आखिरी वर्षों में उनके साथ रही थीं. उनके मुताबिक, दोनों के बीच केवल दोस्ती नहीं थी, बल्कि उनका रिश्ता पति-पत्नी जैसा था. इसी आधार पर वह चाहती थीं कि उनके संबंधों को कानूनी पहचान मिले. हालांकि, राजेश खन्ना के परिवार ने उनके दावों को स्वीकार नहीं किया. अदालतों ने भी अनीता को अभिनेता की कानूनी पत्नी का दर्जा नहीं दिया.
अनीता की पहचान मुख्य रूप से अभिनय और मनोरंजन जगत से जुड़ी रही है. बाद में राजेश खन्ना के साथ उनके संबंधों को लेकर शुरू हुआ विवाद उनकी पब्लिक लाइफ का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया. इनका जन्म मुंबई महाराष्ट्र में 20 नवंबर 1962 को हुआ.यह एक स्कूल ड्रॉपआउट रही.
फिल्मों से शुरू हुआ था अनीता का करियर
अनीता आडवाणी ने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों में छोटी भूमिकाओं से की थी. वह 1978 में आई फिल्म 'शालीमार' में नजर आई थीं. इस फिल्म में धर्मेंद्र और जीनत अमान जैसे कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं.
इसके बाद अनीता का नाम 'साजिश' और 'दासी' जैसी फिल्मों से भी जुड़ा. हालांकि, वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान नहीं बना सकीं. फिल्मों में उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा और बाद के वर्षों में वह पर्दे से दूर हो गईं.साल 2013 में अनीता ने रियलिटी शो 'बिग बॉस 7' में भी हिस्सा लिया. इस शो को सलमान खान होस्ट कर रहे थे. अनीता का सफर ज्यादा लंबा नहीं चला, लेकिन शो में उनकी मौजूदगी के दौरान राजेश खन्ना के साथ उनके रिश्ते को लेकर काफी चर्चा हुई.
राजेश खन्ना के साथ क्या था अनीता आडवाणी का रिश्ता?
राजेश खन्ना हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में गिने जाते हैं. उनकी फिल्मों और अभिनय के साथ-साथ निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही. उन्होंने मार्च 1973 में अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से शादी की थी. इस शादी से उनकी दो बेटियां ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना हैं. बाद के वर्षों में राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया अलग रहने लगे थे. हालांकि, दोनों ने कानूनी तौर पर तलाक नहीं लिया था. इसी बीच अनीता आडवाणी ने राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को लेकर दावा किया.
अनीता का कहना था कि वह अभिनेता के साथ लंबे समय तक रही थीं. उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों के संबंध पति-पत्नी जैसे थे और उन्होंने निजी तौर पर शादी भी की थी. मीडिया रिपोर्टों में उनके राजेश खन्ना के मुंबई स्थित बंगले 'आशीर्वाद' में रहने का भी जिक्र मिलता है. हालांकि, उनके इन दावों पर विवाद रहा. राजेश खन्ना के परिवार ने उनके रिश्ते को विवाह के रूप में स्वीकार नहीं किया. अदालतों में भी अनीता के दावे को कानूनी मान्यता नहीं मिली.
राजेश खन्ना के निधन के बाद क्यों शुरू हुई कानूनी लड़ाई?
राजेश खन्ना का 18 जुलाई 2012 को निधन हो गया था. अनीता आडवाणी का आरोप था कि अभिनेता की मौत के बाद उन्हें उनके बंगले 'आशीर्वाद' से बाहर कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने अपने अधिकारों के लिए कानूनी रास्ता अपनाया. साल 2013 में अनीता ने घरेलू हिंसा कानून के तहत शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने डिंपल कपाड़िया और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. अनीता ने गुजारा भत्ता और मुंबई के बांद्रा इलाके में तीन बेडरूम वाला फ्लैट देने की मांग भी की थी.
हालांकि, 2015 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में कार्यवाही रद्द कर दी. अदालत ने माना कि अनीता का रिश्ता घरेलू हिंसा कानून के तहत विवाह की प्रकृति वाले संबंध की आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं करता.इसके बाद भी अनीता ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपने रिश्ते को कानूनी रूप से विवाह घोषित कराने के लिए दीवानी मुकदमा दायर किया. उनकी मांग थी कि राजेश खन्ना के साथ उनके संबंधों को पत्नी के रिश्ते के तौर पर स्वीकार किया जाए.
क्यों नहीं मिला पत्नी का दर्जा?
अनीता आडवाणी के मामले में राजेश खन्ना की पहली शादी सबसे अहम कानूनी पहलू रही. राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया भले ही लंबे समय तक अलग रहे, लेकिन उनके बीच कानूनी तलाक नहीं हुआ था. भारतीय कानून के तहत किसी व्यक्ति की पहली शादी कानूनी रूप से कायम रहते हुए दूसरी शादी करना सामान्य रूप से मान्य नहीं है. इसी वजह से अनीता के इस दावे को कानूनी मान्यता दिलाना मुश्किल हो गया कि उनका रिश्ता विवाह के बराबर था.
अनीता का पक्ष था कि उनकी मांग को सिर्फ राजेश खन्ना की विधवा का दर्जा पाने की कोशिश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. वह अपने रिश्ते को अलग आधार पर मान्यता दिलाना चाहती थीं. लेकिन अदालतों ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया.1 अप्रैल 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनीता की अपील खारिज कर दी. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली. 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है.
राजेश खन्ना की यादों पर किताब भी लिख चुकी हैं अनीता
अनीता आडवाणी ने राजेश खन्ना के साथ अपने अनुभवों को किताब के जरिए भी सामने रखा है. उनकी किताब का नाम The Endearingly Wicked Ways of Rajesh Khanna है. इसमें उन्होंने अभिनेता के व्यक्तित्व, उनकी आदतों और निजी जीवन से जुड़ी यादों का जिक्र किया है.
किताब में अनीता ने अपने अनुभवों के आधार पर राजेश खन्ना के बारे में लिखा है. हालांकि, इसमें बताए गए निजी अनुभव उनके अपने नजरिए को सामने रखते हैं. उनके रिश्ते की कानूनी स्थिति इससे अलग है, जिस पर अदालतें अपना फैसला सुना चुकी हैं.
अनीता आडवाणी की कहानी क्यों है चर्चा में?
अनीता आडवाणी की कहानी सिर्फ एक फिल्मी रिश्ते या विवाद तक सीमित नहीं है. यह मामला निजी संबंधों की पहचान और विवाह से जुड़ी कानूनी शर्तों पर भी सवाल उठाता है. अनीता का कहना रहा है कि राजेश खन्ना के साथ उनका रिश्ता पति-पत्नी जैसा था और उन्हें इसके लिए सम्मान मिलना चाहिए. दूसरी ओर, अदालतों ने कानूनी तथ्यों और उपलब्ध आधारों पर उनकी मांग स्वीकार नहीं की.
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राजेश खन्ना के निधन के बाद शुरू हुई यह लड़ाई कई साल तक चली. अनीता ने घरेलू हिंसा कानून के तहत कार्रवाई से लेकर रिश्ते को विवाह की मान्यता दिलाने तक कई कानूनी रास्ते अपनाए. लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.
29 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. अनीता आडवाणी आज भी राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते के कारण पहचानी जाती हैं, लेकिन कानूनी रूप से उन्हें उनकी पत्नी का दर्जा नहीं मिला है.




