अपनी ख़्वाहिश पूरी करने के लिए में अमृता ने 20 साल की उम्र में किया था ये काम, शेखर सुमन के शो में सुनाया जिंदगी का सीक्रेट किस्सा
शेखर सुमन के शो में अमृता फडणवीस ने खुलासा किया कि 20 साल की उम्र में उन्होंने लता मंगेशकर को लाइव सुनने के लिए अपना और भाई का पासपोर्ट छिपा दिया था.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी और बैंकिंग प्रोफेशनल, गायिका व सामाजिक कार्यकर्ता अमृता फडणवीस ने हाल ही में अभिनेता शेखर सुमन के चर्चित टॉक शो Shekhar Tonite में नजर आईं. इस दौरान उन्होंने अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं पर खुलकर बात की. बैंकिंग करियर से लेकर सार्वजनिक जीवन में मिली पहचान और राजनीतिक परिवार का हिस्सा बनने तक, अमृता ने अपनी यात्रा के कई दिलचस्प अनुभव शेयर किए.
बातचीत के दौरान शो में एक ऐसा पल भी आया, जब उनसे जिंदगी का कोई ऐसा राज बताने को कहा गया जिसे उन्होंने पहले कभी सार्वजनिक रूप से शेयर न किया हो. इस सवाल के जवाब में अमृता ने अपने बचपन और युवावस्था से जुड़ा एक ऐसा किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए.
जब लता मंगेशकर को सुनना बन गया जिंदगी का सबसे बड़ा सपना
अमृता ने बताया कि जब वह करीब 20 साल की थीं, तब अपने माता-पिता और भाई के साथ नागपुर में रहती थीं. उन दिनों परिवार ने सिंगापुर घूमने की योजना बनाई थी. यात्रा के लिए सभी लोग मुंबई पहुंचे थे, जहां एक रात रुकने के बाद अगले दिन सिंगापुर की फ्लाइट पकड़नी थी.
लेकिन उस समय अमृता के मन में एक अलग ही ख्वाहिश थी. वह भारत की स्वर कोकिला Lata Mangeshkar को मंच पर लाइव गाते हुए सुनना चाहती थीं. उनके लिए यह सपना इतना बड़ा था कि सिंगापुर की विदेश यात्रा भी उसके सामने फीकी लग रही थी.
एक शरारत जिसने बदल दिया पूरा ट्रिप प्लान
अमृता ने खुलासा किया कि अपनी इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया, जिसकी जानकारी परिवार को सालो तक नहीं लगी. उन्होंने रात में चुपचाप अपना और अपने भाई का पासपोर्ट छिपा दिया. अगली सुबह जब परिवार एयरपोर्ट जाने की तैयारी कर रहा था, तब पासपोर्ट नहीं मिले. काफी खोजबीन हुई, लेकिन पोसपोर्ट नहीं मिले. इस अफरातफरी में इतना समय निकल गया कि परिवार की फ्लाइट ही छूट गई.
फ्लाइट छूटी, लेकिन पूरा हुआ सपना
फ्लाइट मिस होने के बाद अमृता ने परिवार के सामने अपनी असली इच्छा जाहिर की. उन्होंने कहा कि अब जब यात्रा टल ही गई है, तो उन्हें लता मंगेशकर का कार्यक्रम देखने ले जाया जाए. आखिरकार परिवार उनकी जिद के आगे मान गया और उन्हें वह मौका मिल गया, जिसका वह लंबे समय से इंतजार कर रही थीं. अमृता ने बताया कि मंच पर लता मंगेशकर को लाइव सुनना उनकी जिंदगी के सबसे यादगार और भावुक अनुभवों में से एक था.
आज भी है उस शरारत का थोड़ा अफसोस
अमृता ने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया कि अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने माता-पिता को काफी परेशानी में डाल दिया था. इसी वजह से उन्हें आज भी उस घटना को याद कर थोड़ा अफसोस होता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लता मंगेशकर को सामने से सुनने का वह अनुभव इतना खास था कि वह आज भी उनकी सबसे खूबसूरत यादों में शामिल है. दिलचस्प बात यह है कि यह राज उन्होंने कई वर्षों तक अपने माता-पिता से भी छिपाकर रखा था और अब पहली बार इसे सार्वजनिक मंच पर शेयर किया है.




