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15 जून से शुरू होंगी उड़ानें! नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का अंतिम ट्रायल सफल, जानिए क्या-क्या हुआ टेस्ट

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने इंडिगो के साथ अंतिम ORAT ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया. 15 जून से कमर्शियल उड़ानें शुरू होने की तैयारी पूरी.

15 जून से शुरू होंगी उड़ानें! नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का अंतिम ट्रायल सफल, जानिए क्या-क्या हुआ टेस्ट
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मोहम्मद रज़ा
By: मोहम्मद रज़ा2 Mins Read

Published on: 10 Jun 2026 10:18 PM

ग्रेटर नोएडा के जेवर में विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत से पहले एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है. एयरपोर्ट प्रबंधन ने इंडिगो एयरलाइंस और विभिन्न संचालन एजेंसियों के साथ मिलकर अंतिम ORAT (Operational Readiness, Activation and Transition) टर्नअराउंड ट्रायल को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है.

यह परीक्षण 15 जून से प्रस्तावित नियमित उड़ान सेवाओं की तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है. ट्रायल के दौरान विमान के लैंडिंग से लेकर यात्रियों की आवाजाही, बैगेज प्रबंधन और दोबारा टेकऑफ तक की पूरी प्रक्रिया को वास्तविक परिस्थितियों में परखा गया.

परीक्षण के दौरान एयरपोर्ट की कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की जांच की गई, जिनमें विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम (VDGS), पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज, ग्राउंड पावर यूनिट, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और कार्गो ऑपरेशन शामिल रहे. इसके साथ ही विमान में ईंधन भरने, ग्राउंड हैंडलिंग और कैटरिंग सेवाओं की कार्यक्षमता का भी परीक्षण किया गया.

एयरपोर्ट प्रशासन ने उड़ान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और रिक्वायर्ड नेविगेशन परफॉर्मेंस (RNP) अप्रोच प्रक्रियाओं का भी पुनः सत्यापन किया. अधिकारियों का कहना है कि सभी परीक्षण सफल रहे हैं और एयरपोर्ट अब नियमित संचालन के लिए लगभग पूरी तरह तैयार है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार यह अंतिम चरण की तैयारियों का हिस्सा था, जिसके बाद 15 जून 2026 से यहां से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू किया जाएगा.

दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए यह एयरपोर्ट भविष्य में एक बड़े एविएशन हब के रूप में उभरने जा रहा है. पहले चरण में यहां एक रनवे और अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल का निर्माण किया गया है, जिसकी वार्षिक क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी. आगामी विस्तार योजनाओं के बाद यह क्षमता बढ़कर 7 करोड़ यात्रियों से अधिक तक पहुंच सकती है.

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