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आप भी शुरू करना चाहते हैं अपना काम लेकिन नहीं है पैसा, सरकार दे रही लाखों रुपये, ऐसे करें अप्लाई, PMEGP के बारे में जानें सबकुछ

अगर आप अपना नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) आपके लिए काम की सरकारी योजना हो सकती है. इसमें बैंक लोन के साथ सरकार 15% से 35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी देती है, जबकि ग्रामीण इलाकों और कुछ विशेष वर्गों को ज्यादा लाभ मिलता है.

PMEGP Scheme
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PMEGP Scheme

( Image Source:  ChatGPT )

Prime Minister's Employment Generation Programme: अपना कारोबार शुरू करने का सपना देखने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या अक्सर पैसे की होती है. बिजनेस शुरू करने के लिए मशीन, दुकान, कच्चा माल, उपकरण और दूसरी जरूरतों पर शुरुआती पूंजी लगती है. इसी जरूरत को देखते हुए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP चलाती है.

यह एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसका उद्देश्य नए माइक्रो बिजनेस शुरू करवाकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार पैदा करना है. योजना का प्रशासन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) करता है, जबकि खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) इसकी राष्ट्रीय स्तर की नोडल एजेंसी है.

कितने रुपये तक का प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं?

PMEGP के तहत परियोजना की अधिकतम लागत अलग-अलग क्षेत्रों के लिए तय है. Manufacturing के लिए अधिकतम लागत ₹50 लाख तक, जबकि Service Sector के लिए अधिकतम लागत ₹20 लाख तक निर्धारित की गई है. यानी अगर आप कोई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करना चाहते हैं तो ₹50 लाख तक की परियोजना के लिए योजना का लाभ लिया जा सकता है. वहीं सर्विस सेक्टर के लिए अधिकतम परियोजना लागत ₹20 लाख है.

सरकार कितनी सब्सिडी देती है?

PMEGP की सबसे अहम बात इसकी मार्जिन मनी सब्सिडी है. यह सब्सिडी परियोजना की लागत के एक हिस्से के रूप में मिलती है.

शहरी क्षेत्र में

  • सामान्य वर्ग: 15% सब्सिडी
  • विशेष वर्ग: 25% सब्सिडी

ग्रामीण क्षेत्र में

  • सामान्य वर्ग: 25% सब्सिडी
  • विशेष वर्ग: 35% सब्सिडी

यानी ग्रामीण क्षेत्र में विशेष वर्ग के आवेदकों को अधिकतम 35% तक सब्सिडी मिल सकती है... एक बात का ध्यान रखें, इसे सीधे हाथ में मिलने वाली नकद रकम समझना सही नहीं है. PMEGP में सब्सिडी मार्जिन मनी के रूप में बैंक लोन से जुड़ी होती है और योजना के नियमों के अनुसार इसका समायोजन किया जाता है.

खुद से कितना पैसा लगाना होगा?

सरकार पूरी परियोजना का खर्च नहीं उठाती. आवेदक को भी अपनी तरफ से कुछ राशि लगानी होती है. सामान्य वर्ग के लिए खुद का योगदान परियोजना लागत का 10% है. वहीं विशेष वर्ग के लिए खुद का योगदान केवल 5% है.

कौन-कौन विशेष वर्ग में आते हैं?

  • SC
  • ST
  • OBC
  • अल्पसंख्यक
  • महिलाएं
  • भूतपूर्व सैनिक
  • दिव्यांग

इसका मतलब है कि पात्र विशेष वर्ग के आवेदकों को कम अपना पैसा लगाकर योजना के तहत बिजनेस शुरू करने का मौका मिल सकता है.

कौन ले सकता है PMEGP का लाभ?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करनी होती हैं.

  • आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए.
  • अगर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट की लागत ₹10 लाख से ज्यादा है या सर्विस सेक्टर की परियोजना ₹5 लाख से ज्यादा है, तो आवेदक का कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है.
  • कुछ संस्थाएं भी पात्र हो सकती हैं, जैसे स्वयं सहायता समूह (SHGs), सहकारी समितियां और चैरिटेबल ट्रस्ट, बशर्ते वे योजना की अन्य शर्तों को पूरा करती हों.

पुराना बिजनेस है तो क्या PMEGP मिलेगा?

यहां एक जरूरी बात समझना बहुत जरूरी है. PMEGP मुख्य रूप से नए उद्यमों की स्थापना के लिए है. यानी पहले से चल रही मौजूदा यूनिट को सामान्य तौर पर इस योजना के तहत नया उद्यम मानकर लाभ नहीं दिया जाता. इसी तरह, जो लोग पहले ही किसी अन्य सरकारी योजना के तहत सरकारी सब्सिडी का लाभ ले चुके हैं, उनके लिए भी पात्रता पर प्रतिबंध हो सकता है. इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देशों में अपनी पात्रता जरूर जांचनी चाहिए.

PMEGP किन लोगों के लिए है?

अगर आपके पास कोई बिजनेस आइडिया है लेकिन शुरुआती पूंजी सीमित है, तो PMEGP आपके लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है. खासकर ग्रामीण क्षेत्र के नए उद्यमी, महिलाएं, SC/ST/OBC, अल्पसंख्यक, दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिक इस योजना के तहत उपलब्ध उच्च सब्सिडी दरों से लाभ उठा सकते हैं... लेकिन सिर्फ सब्सिडी देखकर आवेदन करना सही नहीं है. बिजनेस की लागत, बैंक लोन की शर्तें, अपनी हिस्सेदारी, बाजार की मांग और किस्त चुकाने की क्षमता को पहले समझना जरूरी है.

PMEGP का लाभ कैसे मिलेगा ?

इसे एक बेहद आसान उदाहरण से समझते हैं. मान लेते हैं कि अमित नाम का एक व्यक्ति है जो अपने गांव (ग्रामीण क्षेत्र) में एक आटा और मसाला मिल (Manufacturing Business) शुरू करना चाहता है. अमित OBC वर्ग (विशेष श्रेणी) से आता है और उसकी इस पूरी मिल को लगाने की कुल लागत ₹10 लाख है.

1. अमित को खुद कितना पैसा लगाना होगा?

  • चूंकि अमित विशेष वर्ग (OBC) से है, इसलिए उसे कुल लागत का केवल 5% अपनी जेब से लगाना होगा.
  • ₹10 लाख का 5% = ₹50,000 (अमित का खुद का योगदान)

2. बैंक से कितना लोन मिलेगा?

  • बाकी का 95% पैसा बैंक लोन के रूप में मंजूर करेगा.
  • ₹10 लाख का 95% = ₹9,50,000 (बैंक लोन)

3. सरकार से कितनी सब्सिडी मिलेगी?

  • चूंकि अमित विशेष वर्ग से है और ग्रामीण क्षेत्र में बिजनेस शुरू कर रहा है, इसलिए उसे सरकार की तरफ से 35% सब्सिडी (मार्जिन मनी) मिलेगी.
  • ₹10 लाख का 35% = ₹3,50,000 (यह पैसा सरकार अमित के बैंक खाते में भेजेगी)

4. अमित को वास्तव में कितना लोन चुकाना होगा?

  • सब्सिडी का पैसा (₹3,50,000) अमित के लोन खाते में जमा हो जाएगा. इसका मतलब है कि अमित को पूरे ₹9.5 लाख पर ब्याज नहीं देना है.
  • वास्तव में चुकाने योग्य लोन: ₹9,50,000 - ₹3,50,000 = ₹6,00,000
  • यानी अमित को केवल ₹6 लाख और उस पर लगने वाला ब्याज ही EMI के रूप में बैंक को वापस करना होगा.

दो अलग-अलग स्थितियों में सब्सिडी का गणित (₹10 लाख के लोन पर):

स्थिति 1 (शहरी क्षेत्र + सामान्य वर्ग)

  • खुद का पैसा: 10% (₹1 लाख)
  • सरकारी सब्सिडी: 15% (₹1.5 लाख)
  • लोन चुकाना होगा: ₹7.5 लाख

स्थिति 2 (ग्रामीण क्षेत्र + महिला/OBC/SC/ST)

  • खुद का पैसा: 5% (₹50,000)
  • सरकारी सब्सिडी: 35% (₹3.5 लाख)
  • लोन चुकाना होगा: ₹6 लाख

PMEGP के लिए कैसे करें आवेदन और कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत?

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है. आप PMEGP e-Portal या भारत सरकार के JanSamarth Portal के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.

1. आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)

आवेदन शुरू करने से पहले इन दस्तावेजों की स्कैन कॉपी (PDF/JPEG) तैयार रखें:

  • पहचान और पता प्रमाण: आधार कार्ड (अनिवार्य) और पैन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदक की हालिया तस्वीर
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR): आपके बिजनेस का पूरा विवरण, लागत (मशीनरी, वर्किंग कैपिटल) और अनुमानित कमाई का ब्यौरा.
  • शैक्षणिक योग्यता: कम से कम 8वीं पास का सर्टिफिकेट (यदि प्रोजेक्ट लागत विनिर्माण में ₹10 लाख और सेवा में ₹5 लाख से अधिक है)
  • विशेष श्रेणी प्रमाणपत्र: यदि आप SC/ST/OBC, महिला, अल्पसंख्यक या दिव्यांग हैं (अधिक सब्सिडी का लाभ पाने के लिए)
  • ग्रामीण क्षेत्र प्रमाणपत्र: यदि आपका बिजनेस ग्रामीण क्षेत्र में आता है (35% सब्सिडी के लिए आवश्यक)

2. ऑनलाइन आवेदन करने के चरण (Step-by-Step Application Process)

स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं

सबसे पहले आधिकारिक PMEGP e-Portal पर जाएं और 'Application for New Unit' के तहत 'Apply' पर क्लिक करें।

स्टेप 2: आधार सत्यापन (Aadhaar Authentication)

अपना आधार नंबर दर्ज करें और 'Validate Aadhaar' पर क्लिक करें. आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP को भरकर सत्यापित करें.

स्टेप 3: आवेदन फॉर्म भरें

खुले हुए फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, बिजनेस का प्रकार (Manufacturing/Service) और प्रोजेक्ट की लागत भरें.

स्टेप 4: एजेंसी और बैंक का चयन करें

अपनी स्थानीय स्पॉन्सरिंग एजेंसी (जैसे DIC या KVIC) चुनें. इसके बाद उस बैंक और शाखा (Branch) का चयन करें जहां से आप लोन लेना चाहते हैं. विवरण सुरक्षित करने के लिए 'Save Application Data' पर क्लिक करें.

स्टेप 5: दस्तावेज अपलोड करें और स्कोर कार्ड भरें

अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड (जो मोबाइल पर आएगा) का उपयोग करके लॉग इन करें. 'Upload Documents' सेक्शन में जाकर सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और 'Score Card' के सवालों के जवाब देकर सबमिट करें.

स्टेप 6: फाइनल सबमिशन (Final Submission)

सभी जानकारी को ध्यानपूर्वक जांचने के बाद 'Final Submission' पर क्लिक करें. इसके बाद फॉर्म का एक प्रिंट आउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें.

अधिक जानकारी के लिए आप इस वीडियो लिंक पर क्लिक कर सकते हैं- VIDEO

3. आगे क्या होता है?

चुनी गई एजेंसी (जैसे DIC) आपके फॉर्म और प्रोजेक्ट रिपोर्ट की जांच करेगी. मंजूरी मिलने के बाद एजेंसी आपकी फाइल आपके द्वारा चुने गए बैंक को भेज देगी. बैंक प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता और आपके क्रेडिट इतिहास की जांच करके लोन मंजूर करेगा. लोन मिलने के बाद या पहले आपको सरकार द्वारा उद्यमी विकास कार्यक्रम (EDP) की ट्रेनिंग पूरी करनी होगी, जिसके बाद सब्सिडी (Margin Money) आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.

नोट: PMEGP की पात्रता, सब्सिडी, परियोजना सीमा और आवेदन प्रक्रिया समय-समय पर सरकारी नियमों के अनुसार बदल सकती है. आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर मौजूदा नियम जरूर जांचें.

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