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बड़ा झटका या राहत? 1 अप्रैल से बदल जाएंगे PF, टैक्स और सैलरी स्लिप समेत 10 बड़े नियम

1 अप्रैल से नए वित्तीय साल की शुरुआत के साथ आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं. PF, इनकम टैक्स, सैलरी स्ट्रक्चर और बैंकिंग नियमों में बदलाव को लेकर लोगों में कंफ्यूजन और उम्मीद दोनों बनी हुई है.

बड़ा झटका या राहत? 1 अप्रैल से बदल जाएंगे PF, टैक्स और सैलरी स्लिप समेत 10 बड़े नियम
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1 अप्रैल से बदलेंगे ये नियम

( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत4 Mins Read

Updated on: 31 March 2026 5:50 PM IST

1 अप्रैल 2026 से भारत में कई बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं, जिनका सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, टैक्सपेयर्स और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. नए लेबर लॉ से लेकर इनकम टैक्स नियमों और क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन तक, कई ऐसे बदलाव हैं जिन्हें समझना हर किसी के लिए जरूरी है.

ये बदलाव जहां एक ओर ट्रांसपेरेंसी और सुरक्षा बढ़ाने के लिए लाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर आपके सैलरी स्ट्रक्चर और खर्च करने के तरीके को भी प्रभावित करेंगे.

सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव

नए नियमों के तहत अब आपकी सैलरी का स्ट्रक्चर बदल जाएगा. Code on Wages, 2019 के अनुसार, आपकी बेसिक सैलरी (Basic Pay + DA) कुल CTC का कम से कम 50% होना जरूरी होगा. पहले कंपनियां बेसिक सैलरी कम रखती थीं, जिससे PF और ग्रेच्युटी कम देना पड़े अब बेसिक सैलरी बढ़ेगी, जिससे PF (EPF) योगदान बढ़ेगा. ग्रेच्युटी ज्यादा मिलेगी.

क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए नए नियम

1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर भी नजर रखी जाएगी. ₹10 लाख या उससे ज्यादा डिजिटल खर्च रिपोर्ट होगा. ₹1 लाख या उससे ज्यादा कैश ट्रांजैक्शन भी ट्रैक होगा. नया क्रेडिट कार्ड लेने के लिए PAN जरूरी

नौकरी छोड़ने पर 2 दिन में मिलेगा पैसा

अब नौकरी छोड़ने के बाद आपका पैसा (Full & Final Settlement) जल्दी मिलेगा. नए नियम के अनुसार आखिरी वर्किंग डे के 2 दिन के अंदर सैलरी और बाकी पेमेंट देना होगा. पहले इसमें 30–90 दिन तक लग जाते थे. ध्यान रखें कि ग्रेच्युटी (30दिन) और EPF अलग प्रोसेस से मिलेंगे.

विदेश यात्रा और पढ़ाई पर टैक्स में राहत

अब विदेश यात्रा, पढ़ाई या इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर TCS कम हो गया है. पहले₹7 लाख तक 5% उससे ज्यादा पर 20% मिलता था. अब सिर्फ 2% TCS (फ्लैट रेट) कटेगा. इससे फायदा ये होगा कि शुरुआत में कम पैसा कटेगा. कैश फ्लो बेहतर रहेगा.

नया इनकम टैक्स कानून लागू

1 अप्रैल 2026 से Income Tax Act, 2025 लागू हो जाएगा, जो पुराने 1961 कानून की जगह लेगा. इसमें टैक्स रेट्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं. सेक्शन 819 से घटाकर 536 कर दिए गए हैं.

  • 31 मार्च 2026 तक की इनकम पुराने कानून के तहत ही आएगी.
  • 1 अप्रैल 2026 के बाद की इनकम पर नया कानून लागू होगा.

ITR सुधारने के लिए ज्यादा समय

अब आप अपनी ITR (Income Tax Return) को सुधारने के लिए ज्यादा समय पा सकते हैं. पहले 9 महीने का समय मिलता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 12 महीने कर दिया गया है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि 9 महीने के बाद सुधार करने पर फीस लगेगी.

‘Assessment Year’ खत्म, अब होगा ‘Tax Year’

अब टैक्स सिस्टम को आसान बनाने के लिए Previous Year और Assessment Year की जगह सिर्फ एक टर्म होगा, जो Tax ईयर कहलाया जाएगा. यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 = Tax Year 2026-२७.

Sovereign Gold Bond (SGB) पर टैक्स बदलाव

अब SGB निवेशकों के लिए नियम बदल गए हैं. पहले मैच्योरिटी पर पूरा टैक्स फ्री होता था. अब सिर्फ RBI से खरीदे SGB ही टैक्स फ्री रहेंगे. बाजार से खरीदे SGB पर टैक्स लगेगा.

महंगा होगा फास्टैग पास

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने फास्टैग के सालाना पास की कीमत में बढ़ोतरी की है. अब इसकी फीस 3,000 रुपये से बढ़ाकर 1 अप्रैल से 3,075 रुपये कर दी गई है.

रेलवे टिकट के नियम भी बदले

एक अप्रैल से रेलवे के टिकट से नियम भी बदल जाएंगे. अब अगर आपने आठ घंटे के बाद टिकट कैंसिल किया, तो रिफंड का नियम नहीं है. 1 अप्रैल 2026 से लागू हो रहे ये बदलाव आपकी सैलरी, टैक्स और खर्च करने के तरीके को सीधे प्रभावित करेंगे. जहां कुछ बदलाव तुरंत असर दिखाएंगे, वहीं कुछ का फायदा लंबे समय में मिलेगा. ऐसे में इन नए नियमों को समझकर ही अपने वित्तीय फैसले लेना समझदारी होगी.

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