Imran Khan के करीबी ने खोली पोल, कश्मीर में रोटी के बदले महिलाओं का होता है शोषण, कौन हैं मुफ़्ती सईद, जिनके बयान से मचा बवाल

पाकिस्तान के मुफ्ती Saeed Khan के बयान ने कश्मीर मुद्दे पर सनसनी मचा दी है. उन्होंने दावा किया कि उग्रवादी समूह कश्मीरी महिलाओं का शोषण करते हैं और कई मामलों में उन्हें खाने के बदले यौन संबंध के लिए मजबूर किया जाता है.

कौन हैं मुफ़्ती सईद खान

(Image Source:  x-@OmarAbbasHyat )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 31 March 2026 1:21 PM IST

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी माने जाने वाले मौलवी मुफ्ती सईद खान के एक बयान ने कश्मीर मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है. अपने एक सार्वजनिक भाषण में उन्होंने दावा किया कि कश्मीर में सक्रिय उग्रवादी समूह महिलाओं का केवल रोटी के बदले यौन शोषण करते हैं. उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.

मुफ़्ती सईद खान का यह दावा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान के अंदर से आया है और लंबे समय से चले आ रहे नैरेटिव पर सवाल खड़े करता है. चलिए ऐसे में जानते हैं आखिर मुफ़्ती सईद खान कौन हैं?

खाने के बदले किया जाता है शोषण

मुफ़्ती सईद खान ने ‘कश्मीर एंड आवर हिपोक्रेसी’ टाइटल से दिए गए एक भाषण में दावा किया कि कश्मीर में सक्रिय उग्रवादी समूहों ने स्थानीय महिलाओं का शोषण किया. शरणार्थी शिविरों में रहने वाली कई महिलाओं और लड़कियों को बुनियादी जरूरतों जैसे खाने के बदले यौन शोषण का सामना करना पड़ा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों को मुजाहिदीन के तौर पर पेश किया जाता रहा, वे कमजोर और बेबस लोगों का फायदा उठा रहे थे. 

क्यों अहम माना जा रहा है यह बयान?

विश्लेषकों के मुताबिक, यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि यह किसी बाहरी एजेंसी की रिपोर्ट नहीं, बल्कि पाकिस्तान के धार्मिक और राजनीतिक दायरे से जुड़े एक व्यक्ति का दावा है. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तरह के आरोप पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाए जाते रहे हैं, लेकिन अंदरूनी सहमति कम ही देखने को मिलती है. यह बयान उन आरोपों को भी मजबूती देता है, जिनमें कहा जाता रहा है कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ समूहों को बाहरी समर्थन मिला और उन्होंने स्थानीय आबादी के खिलाफ ही अत्याचार किए. 

कौन हैं मुफ़्ती सईद खान?

मुफ़्ती सईद खान पाकिस्तान के एक इस्लामिक स्कॉलर हैं, जो देओबंदी विचारधारा से जुड़े माने जाते हैं. उन्होंने इस्लामाबाद में ‘अल-नदवा एजुकेशनल ट्रस्ट’ की स्थापना की और कई धार्मिक व एजुकेशनल एक्टिविटिज से जुड़े रहे हैं. उनका नाम पाकिस्तान की राजनीति और धार्मिक हलकों में लंबे समय से चर्चा में रहा है. वे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी माने जाते हैं.

विवादों से रहा है नाता

मुफ़्ती सईद खान का अतीत भी विवादों से भरा रहा है. वह 1995 में पाकिस्तान में हुए एक असफल तख्तापलट प्रयास से भी जुड़े रहे थे, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी जाना पड़ा था. उस दौरान उन पर आरोप लगे थे कि वे सैन्य अधिकारियों के साथ मिलकर सत्ता परिवर्तन की योजना का हिस्सा थे. 

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