क्या है ईरान की Basij Force, कितनी है खतरनाक, जिसके कमांडर को मारने का इजराइल ने किया दावा
ईरान-इजराइल जंग के बीच Basij Force चर्चा में है, जिसे ईरान की ‘ग्राउंड पावर’ माना जाता है. जानिए यह फोर्स कितनी खतरनाक है और क्यों यह इजराइल के निशाने पर है.
मीडिल ईस्ट में Iran, Israel और United States के बीच जारी जंग को अब 18 दिन हो चुके हैं, और हर दिन इस संघर्ष से जुड़ा कोई न कोई चौंकाने वाला दावा सामने आ रहा है. कभी ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत की खबर सुर्खियों में रहती है, तो कभी उनके बेटे Mojtaba Khamenei के गंभीर रूप से घायल होने और कोमा में होने की चर्चाएं तेज हो जाती हैं. इन तमाम दावों ने न सिर्फ जंग को और रहस्यमयी बना दिया है, बल्कि ईरान की सत्ता और नेतृत्व को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
इसी बीच एक और बड़ा दावा सामने आया, जिसमें इजराइल ने कहा कि उसने ईरान की सुरक्षा और रणनीति के अहम चेहरे Ali Larijani को मार गिराया है. वहीं इसके बाद इजरायल ने ईरान के कमांडर गुलामरेज़ा सोलेमानी की हत्या का दावा किया है. जो कि Basij Force के कमांडर हैं. हालांकि ये अभी तक साफ नहीं हो पाया है. इस कड़ी में आइए जानते हैं कि ईरान की ताकत मानी जाने वाली Basij Force क्या है, यह कितनी खतरनाक है और क्यों यह इजराइल के निशाने पर है?
Gholamreza Soleimani कौन?
Gholamreza Soleimani ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की बसीज यूनिट के कमांडर थे. यह यूनिट ईरान की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाली एक महत्वपूर्ण अर्धसैनिक बल है. साल 1965 में जन्मे सुलेमानी पर अमेरिका और यूरोपीय संघ सहित कई देशों ने प्रतिबंध लगाए थे. उन पर बसीज के जरिए विरोध प्रदर्शनों को दबाने का आरोप भी रहा है.
क्या है Basij Force और क्यों है अहम?
Basij एक वॉलंटियर पैरामिलिट्री फोर्स है, जो 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद बनाई गई थी. इसका काम देशभर में आंतरिक सुरक्षा बनाए रखना है. यह संगठन शहर-शहर में सक्रिय रहता है और अक्सर सरकार विरोधी प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए तैनात किया जाता है. 2009 के बड़े विरोध प्रदर्शन से लेकर हाल के आंदोलनों तक, Basij की भूमिका काफी अहम रही है.
कितनी खतरनाक है Basij Force?
Basij Force ईरान की सबसे अहम और विवादित अर्धसैनिक ताकतों में से एक मानी जाती है, जो सीधे Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के अधीन काम करती है. इसकी स्थापना 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद की गई थी और इसका मुख्य उद्देश्य देश के भीतर सुरक्षा बनाए रखना और सरकार के खिलाफ किसी भी विरोध को कुचलना है. Basij Force की ताकत उसकी संख्या में छिपी है. माना जाता है कि इसके पास लाखों स्वयंसेवकों का नेटवर्क है, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत सक्रिय हो सकते हैं. ये लोग आम नागरिकों के बीच ही रहते हैं, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल होता है.
यह फोर्स अक्सर देश में होने वाले विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए इस्तेमाल की जाती है. 2009 के चुनावी विरोध हो या हाल के एंटी-गवर्नमेंट प्रोटेस्ट- हर जगह Basij की सख्त कार्रवाई देखने को मिली है. Basij केवल एक सुरक्षा बल नहीं, बल्कि एक वैचारिक सेना भी है. यह सरकार के प्रति वफादारी और इस्लामिक विचारधारा को मजबूत करने का काम करती है. स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संस्थानों तक इसका नेटवर्क फैला हुआ है. हालांकि यह नियमित सेना नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर Basij के सदस्य युद्ध में भी हिस्सा लेते हैं. ईरान-इराक युद्ध के दौरान भी इनकी बड़ी भूमिका रही थी.
क्यों मानी जाती है खतरनाक?
- भारी संख्या और तेज मोबिलाइजेशन
- आम जनता के बीच घुल-मिलकर काम करने की क्षमता
- विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी और कभी-कभी हिंसक कार्रवाई
- सीधे IRGC और सत्ता से जुड़ाव
इन्हीं कारणों से Basij Force को ईरान की ‘ग्राउंड पावर’ कहा जाता है-एक ऐसी ताकत, जो न सिर्फ देश के भीतर नियंत्रण बनाए रखती है, बल्कि संकट के समय सरकार की सबसे बड़ी ढाल बन जाती है.