T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत-पाक के बीच क्यों मचा है इतना हंगामा, ICC या पाकिस्तान कौन हटा पीछे?

पाकिस्तान सरकार ने T20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ बायकॉट वापस लिया. PCB के पूर्व अध्यक्ष नजाम सेठी का कहना है कि ICC ने ही पीछे हटी, पाकिस्तान ने नहीं.

( Image Source:  ICC-X )
Edited By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 11 Feb 2026 3:15 PM IST

पाकिस्तान और भारत के बीच 2026 T20 वर्ल्ड कप ग्रुप मैच को लेकर लंबे समय से जारी तनावपूर्ण स्थिति आखिरकार खत्म हो गई है. पाकिस्तान सरकार ने अपने बायकॉट फैसले को वापस लिया और अब 15 फरवरी को कोलंबो में यह मुकाबला तय कार्यक्रम अनुसार खेला जाएगा. इस फैसले के पीछे इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच चल रही कड़ी बातचीत का बड़ा हाथ माना जा रहा है.

हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी ने इस पूरे विवाद का अलग नजरिया पेश किया है. इडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक उनका कहना है कि ICC ने खुद पीछे हटी, पाकिस्तान ने नहीं. उन्होंने कहा कि, 'वास्तव में ICC ने पीछे कदम रखा है. पाकिस्तान ने बहुत ही सोच-समझकर फैसला लिया था. उन्होंने सभी कानूनी पहलुओं पर गौर किया और शीर्ष वकीलों से परामर्श लिया.'

सवाल: पाकिस्तान ने वास्तव में पीछे क्यों हटाया?

नजम सेठी के अनुसार, ICC ने बांग्लादेश को थोड़ी जगह देने के लिए पीछे हटने का निर्णय लिया. पाकिस्तान ने अपनी स्थिति को मजबूती से बनाए रखा और ICC की किसी भी संभावित सज़ा के डर को गंभीरता से लिया. "पाकिस्तान ने 15 दिन का नोटिस दिया ताकि ICC और बांग्लादेश से बातचीत की जा सके. इसका उद्देश्य स्पष्ट था – बांग्लादेश को खेल में बनाए रखना और ICC की धमकियों को टालना," सेठी ने बताया.

क्या ICC ने पाकिस्तान पर दबाव बनाया?

सेठी ने दावा किया कि ICC के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण थी. बांग्लादेश ने पहले सुरक्षा चिंताओं के चलते भारत के खिलाफ खेलने से इनकार किया था. ICC को टूर्नामेंट शेड्यूल और अपनी शासी नीतियों को संतुलित करना था.

पाकिस्तान ने क्या मांगें रखीं?

सवाल- पाकिस्तान ने ICC से क्या मांगा?

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने बातचीत में कई मांगें रखीं. इसमें भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट फिर से शुरू करने का सुझाव और भारत-पाक-बांग्लादेश त्रिकोणीय सीरीज का विचार शामिल था. ICC ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया क्योंकि यह उनके संविधान के तहत द्विपक्षीय मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देता. बातचीत का परिणाम यह निकला कि बांग्लादेश पर कोई सज़ा नहीं होगी और उसकी राजस्व हिस्सेदारी सुरक्षित रहेगी. सेठी का मानना है कि यही पाकिस्तान की रणनीति का मुख्य उद्देश्य था.

आर्थिक पक्ष: PCB अब ICC पर निर्भर नहीं

सवाल: पाकिस्तान अब ICC पर कितना निर्भर है? सेठी ने कहा, "पहले पाकिस्तान ICC के वित्तीय संसाधनों पर निर्भर था, लेकिन अब PSL के कारण ऐसा नहीं है. अब PCB को PSL से ICC से ज्यादा आय होती है. पाकिस्तान अब अपने संसाधनों से अच्छा खड़ा है." PTI रिपोर्ट के अनुसार, PCB का ICC में 2024–27 वित्तीय चक्र में हिस्सा लगभग 144 मिलियन डॉलर है, जबकि PSL से वार्षिक फ्रैंचाइज़ी फीस लगभग 42 मिलियन डॉलर है.

मैच अब तय: 15 फरवरी को कोलंबो में भारत-पाक मुकाबला- ICC और पाकिस्तान सरकार ने सोमवार देर रात घोषणा की कि 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान मुकाबला कोलंबो में खेला जाएगा. इस निर्णय ने लगभग दस दिन की गतिरोधपूर्ण स्थिति को समाप्त कर दिया. सेठी के अनुसार, आगे मार्च में ICC से और कुछ रियायतें मिलने की संभावना है. पाकिस्तान की रणनीति स्पष्ट थी: टूर्नामेंट में हिस्सा लेना और वित्तीय नुकसान से बचना.

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