गोली चली तो मैदान में उतरेगा अमेरिका- ट्रंप की धमकी पर खामेनेई के करीबी ने गाजा और इराक को दिलाया याद

ईरान में न्यू ईयर के बाद भड़के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हिंसक होते जा रहे हैं. महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा रियाल के ऐतिहासिक पतन से नाराज़ लोग सड़कों पर उतर आए हैं और कई शहरों में ‘खामेनेई मुर्दाबाद’ के नारे गूंज रहे हैं. अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा. ट्रंप के इस बयान से अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ गया है.;

( Image Source:  Social Media )
Edited By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 2 Jan 2026 5:15 PM IST

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. आर्थिक बदहाली, महंगाई और मुद्रा के ऐतिहासिक पतन से जूझ रहे ईरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, वहीं ट्रंप की चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है.

ईरान में न्यू ईयर के बाद से भड़के ये विरोध प्रदर्शन अब देशव्यापी रूप ले चुके हैं. राजधानी तेहरान से लेकर कई प्रांतों तक लोग सड़कों पर उतर आए हैं. इसी बीच ट्रंप ने दावा किया है कि अगर ईरानी सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई और उनकी हत्या की, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा.

ईरान को ट्रंप की खुली चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को चेताते हुए लिखा कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उनकी बेरहमी से हत्या करता है, जैसा कि उनकी परंपरा रही है, तो अमेरिका उनकी रक्षा के लिए आगे आएगा.” उन्होंने आगे कहा कि “हम पूरी तरह तैयार हैं और कार्रवाई के लिए लॉक्ड एंड लोडेड हैं. इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!” ट्रंप के इस बयान को ईरान के खिलाफ सीधी धमकी के तौर पर देखा जा रहा है.

प्रदर्शन के बीच मौतों का आंकड़ा बढ़ा

ईरान में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत की खबर है. यह प्रदर्शन 2022 के बाद सबसे बड़े विरोध माने जा रहे हैं. गुरुवार को आंदोलन पांचवें दिन में प्रवेश कर गया और राजधानी तेहरान से निकलकर ग्रामीण इलाकों तक फैल गया. इन विरोध प्रदर्शनों की जड़ में ईरान की बिगड़ती अर्थव्यवस्था है. रविवार को तेहरान के बड़े बाजारों से शुरू हुआ आंदोलन तब भड़का, जब ईरानी मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई. इसके चलते महंगाई और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया.

छात्रों और शहरों तक फैला आंदोलन

मंगलवार तक यह असंतोष छात्रों और आम नागरिकों तक पहुंच गया. शिराज, इस्फहान, केरमानशाह और फासा जैसे शहरों में प्रदर्शन हुए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी, 'Death to the Dictator' और 'Death to Khamenei' जैसे नारे लगाते नजर आए, वहीं कई जगह सुरक्षा बलों से झड़पें भी हुईं.

‘खामेनेई मुर्दाबाद’ के नारे गूंजे

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, MEK से जुड़े वीडियो फुटेज में देशभर में भीड़ को 'Death to Khamenei!” और “Shame on you, shame on you!” जैसे नारे लगाते देखा गया. खासतौर पर तेहरान के बाजारों में व्यापारियों की अगुवाई में प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं.

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने क्या कहा?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने जनता के गुस्से को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों की 'legitimate demands' को सुनने को तैयार है. हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि देश में अस्थिरता फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार ने हालात संभालने के लिए कुछ कदम उठाए हैं, जिनमें नए सेंट्रल बैंक प्रमुख की नियुक्ति और विश्वविद्यालयों के आसपास सुरक्षा कड़ी करना शामिल है. मौजूदा विरोध प्रदर्शन 2022 में महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद हुए आंदोलनों के बाद सबसे बड़े माने जा रहे हैं. महंगाई, बेरोजगारी, पानी की किल्लत और शासन व्यवस्था से उपजा असंतोष अब खुलकर सड़कों पर दिखाई दे रहा है.

Similar News