गोमूत्र चाटते हैं हिंदू...भारतीयों को लेकर ऐसी बातें करने वाले कौन है Yosef Mizrachi, डाउन सिंड्रोम को बता चुके हैं पिछले जन्म के पाप की सजा
योसी मिजराही ने हालिया में एक ऐसा बयान दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया. उन्होंने कहा कि 'हिंदू गोमूत्र चाटते हैं.' योसी मिजराही इजरायल में जन्मे यहूदी धार्मिक उपदेशक हैं, जो अमेरिका में रहकर अपने भाषणों और ऑनलाइन वीडियो के जरिए लोगों तक धार्मिक बातें पहुंचाते हैं.
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से चर्चा में है. इसमें इजरायली-अमेरिकी रब्बी योसी मिजराही भारतीयों और हिंदू धर्म को लेकर ऐसी बातें कहते सुनाई दे रहे हैं, जिन पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई है. वीडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं कि हिंदू गोमूत्र चाटते हैं. इतना ही नहीं, इतना ही नहीं, वह भारतीय डॉक्टरों पर भी तंज कसते हैं. उनके बयानों को लेकर भारत ही नहीं, इजरायल में भी विरोध हो रहा है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब योसी मिजराही अपने बयानों की वजह से विवादों में आए हों. इससे पहले भी वह कई ऐसी बातें कह चुके हैं, जिनकी आलोचना हुई थी.
योसी मिजराही एक यहूदी धार्मिक उपदेशक हैं. वह अमेरिका में रहते हैं और लोगों को यहूदी धर्म की बातें बताते हैं. उनका जन्म 1968 में इजरायल में हुआ था. शुरुआत में वह धार्मिक काम से नहीं जुड़े थे. बाद में उन्होंने यहूदी धर्म की पढ़ाई शुरू की और धार्मिक सभाओं में बोलने लगे. धीरे-धीरे उनके भाषण और वीडियो इंटरनेट पर फैलने लगे.
वीडियो में क्या बोले योसी मिजराही?
योसी मिजराही ने 28 अक्टूबर 2026 को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया. इसी का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में वह एक भारतीय व्यक्ति का जिक्र करते हैं. उनका दावा है कि यह शख्स कभी उनके फेसबुक पेज के लिए काम करता था और यहूदी धर्म अपनाना चाहता था. इसी बातचीत के दौरान मिजराही हिंदुओं की गाय से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं पर टिप्पणी करने लगते हैं. उन्होंने दावा किया कि कुछ हिंदू गाय को घर के अंदर रखते हैं और उसके मूत्र को फर्श से चाटते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग गोमूत्र खरीदते हैं. इसके बाद उन्होंने भारतीय डॉक्टरों को भी निशाना बनाया.
सड़क पर बैठी रहती है गाय
मिजराही ने नई दिल्ली के अस्पतालों का उदाहरण देते हुए मजाक उड़ाया कि वहां मिलने वाला डॉक्टर भी गोमूत्र पीकर आया हो सकता है. उन्होंने सड़क पर गाय के बैठने और उसके कारण ट्रैफिक रुकने का भी मजाक बनाया. उनकी बातों का लहजा ऐसा था, जिसे कई लोगों ने हिंदू धर्म और भारतीयों का अपमान बताया.
कौन हैं योसी मिजराही?
योसी मिजराही का पूरा नाम योसेफ मिजराही है. वह एक इज़रायली-अमेरिकी हारेदी रब्बी और पब्लिक स्पीकर हैं. उन्हें एक प्रमुख 'किरुव रब्बी' (यहूदी धर्म प्रचारक) माना जाता है. योसी जन्म 1968 में इजरायल में एक ऐसे यहूदी परिवार में हुआ था, जो धार्मिक रूप से बहुत कट्टर नहीं था. उन्होंने इजरायली वायुसेना में सैन्य सर्विस पूरी की. इसके बाद वह अमेरिका के न्यूयॉर्क चले गए और शुरुआत में फाइनेंशियल सेक्टर में काम किया.
'डिवाइन इन्फॉर्मेशन' मंच चलाते है योसी
धीरे-धीरे योसी की दिलचस्पी यहूदी धर्म को समझने और उसके बारे में लोगों को बताने में बढ़ने लगी. साल 1997 में उन्होंने न्यूयॉर्क के मॉन्सी में ओहर यिसराइल नाम की धार्मिक संस्था में यहूदी धर्म की पढ़ाई शुरू की. बाद में वह वहां लोगों को पढ़ाने भी लगे. इसके बाद उन्होंने अपने धार्मिक भाषणों के वीडियो इंटरनेट पर डालने शुरू किए. वह 'डिवाइन इन्फॉर्मेशन' नाम से एक मंच भी चलाते हैं, जिसके जरिए यहूदी धर्म की बातें लोगों तक पहुंचाते हैं. हालांकि, कुछ मुद्दों पर उनके बेबाक बयानों के कारण उनकी व्यापक आलोचना हुई है और प्रमुख रूढ़िवादी यहूदी धर्मगुरुओं ने उन्हें 'गुमराह' व्यक्ति करार दिया है
क्या है योसी से जुड़े विवाद?
मिजराही पर दिव्यांग बच्चों को लेकर गलत बातें कहने के आरोप भी लग चुके हैं. उन्होंने ऑटिज्म और डाउन सिंड्रोम जैसी स्थितियों को पिछले जन्म के पापों का नतीजा बताया था. उनके इन बयानों पर कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई थी.
ब्रिटेन के दौरे को लेकर भी हुआ था विवाद
साल 2019 में मिजराही को लंदन और मैनचेस्टर में भाषण देने के लिए जाना था. लेकिन उनके पुराने बयानों को लेकर ब्रिटेन में विरोध शुरू हो गया. उस समय ऐसी खबरें आई थीं कि ब्रिटिश अधिकारी उन्हें देश में आने से रोक सकते हैं. हालांकि, बाद में मिजराही ने कहा था कि उन्होंने खुद ही ब्रिटेन जाने वाली फ्लाइट में सफर नहीं किया था. उन्हें डर था कि वहां पहुंचने पर उनसे पूछताछ हो सकती है या उन्हें देश में आने की इजाजत नहीं मिलेगी.