पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने स्टेट मिरर हिंदी से बातचीत करते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति इस समय दिखाई नहीं दे रही है. आजादी के पहले से देश की विदेश नीति बननी शुरू हुई थी. हमारी विदेश नीति में सरकारों के बदलाव का कोई असर दिखाई नहीं दिया... लेकिन 10 साल से वो विदेश नीति नजर नहीं आ रही. उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में वह विदेश नीति, जो राष्ट्रीय सहमति पर बनी थी, वो तार-तार हो गई. पीएम मोदी ने उस विदेश नीति की धज्जियां उड़ा दीं. इसकी शुरुआत 2014 से हुई. दूसरी तरफ, पाकिस्तान की विदेश नीति का कमाल यह है कि उसका अमेरिका दोस्त है. मुनीर को ट्रंप व्हाइट हाउस में लंच करने बुलाते हैं और उससे बातचीत करते हैं. आज पाकिस्तान इस स्थिति में आ गया है कि वह मध्यस्थता कर सीजफायर कराए और हम टुकर-टुकर देख रहे हैं. मोदी जी विश्व गुरु बने हुए हैं.