डिजिटल आतंकवाद पर नकेल कसने और देश की भावी पीढ़ी के साथ-साथ सीमाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने हाल ही में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के ब्लूप्रिंट को मंजूरी दी है. इसके बाद कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. क्या अब तक देश के पास ‘प्रहार’ जैसा कोई प्रभावी तंत्र मौजूद नहीं था? आखिर इसकी जरूरत अभी क्यों महसूस हुई, जब भारत पहले ही पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे सफल सैन्य अभियान को अंजाम दे चुका है? इन अहम सवालों के जवाब तलाशने के लिए ‘स्टेट मिरर हिंदी’ के एडिटर (इन्वेस्टिगेशन) संजीव चौहान ने विशेष बातचीत की K. K. Sharma से.