बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव से पहले भारत–बांग्लादेश संबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जिस भारत की मदद से बांग्लादेश का जन्म हुआ, वही देश अब भारत-विरोधी धुरी की ओर झुकता दिख रहा है. पूर्व भारतीय राजदूत वीना सिकरी के अनुसार मौजूदा चुनाव इन्क्लूसिव नहीं हैं. यूनुस सरकार ने आवामी लीग को पूरी तरह हाशिये पर डाल दिया है. पार्टी के दफ्तरों को जलाया जाना और चुनाव से बाहर किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है. ऐसे में भारत के लिए यह जानना अहम हो गया है कि बांग्लादेश में कौन-सी राजनीतिक ताकत उसके साथ स्थिर और भरोसेमंद संबंध बनाए रख सकती है.