उज्जैन में इन दिनों करीब 8 फीट ऊंची खड़े हनुमान जी की प्रतिमा चर्चा के केंद्र में है. सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 170 साल पुराने मंदिर का ढांचा तो हटा दिया गया, लेकिन जब प्रतिमा को दूसरी जगह ले जाने की कोशिश हुई तो मामला उलझ गया. दावा है कि भारी मशीनों और लगातार कोशिशों के बावजूद बजरंगबली अपनी जगह से टस से मस नहीं हुए. भक्त इसे भगवान हनुमान का चमत्कार मान रहे हैं, जबकि प्रशासन और विशेषज्ञ इसके पीछे जमीन के नीचे मौजूद संरचना, प्रतिमा के वजन और उसके आधार का रहस्य तलाश रहे हैं. अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि हनुमान जी की प्रतिमा क्यों नहीं हिल रही, बल्कि यह भी है कि इसके नीचे आखिर क्या है? क्या प्रतिमा किसी गहरी नींव या विशाल आधारशिला से जुड़ी है, या सदियों से जमीन की संरचना ने इसे इस तरह जकड़ लिया है? इसी बीच संत समाज के विरोध और राजनीतिक बयानबाजी ने मामले को और गरमा दिया है. सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन का यह मामला अब आस्था, विरासत, विज्ञान और विकास चारों के बीच खड़ा हो गया है.