राम मंदिर ने मेरी आंखें खोल दीं… मुस्लिम समाज की कड़वी हकीकत कोई नहीं बोलता; शबनम खान Unfiltered
स्टेट मिरर हिंदी की खास पेशकश अनफिल्टर्ड अड्डा में सामाजिक कार्यकर्ता शबनम खान पहली बार बिना किसी डर, दबाव या राजनीतिक चाटुकारिता के अपना दिल खोलकर रख दिया. उन्होंने साफ-साफ कहा कि मुस्लिम समाज के अंदर मौजूद कुछ कट्टर प्रथाएं, झूठी मान्यताएं और महिलाओं पर थोपे गए सामाजिक बंधन आज भी तरक्की की राह में सबसे बड़ा रोड़ा हैं. शबनम ने बताया कि जब उन्होंने अयोध्या राम मंदिर के लिए पदयात्रा की, तो उनका पूरा नज़रिया ही बदल गया - वहां पहुंचकर उन्हें ऐसा आध्यात्मिक अनुभव हुआ जिसे वे शब्दों में बयान तक नहीं कर पाईं. उसी पल उन्हें समझ आया कि सच्चाई धर्म से नहीं, इंसानियत और अनुभव से समझ आती है. उनसे बेबाक बात की स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर (क्राइम इनवेस्टिगेशन) संजीव चौहान ने.