सोशल मीडिया आज जहां लोगों को पहचान और मंच देता है, वहीं यह बदनामी और मानसिक उत्पीड़न का जरिया भी बनता जा रहा है. 63 वर्षीय मशहूर माइथोलॉजिस्ट और रिलेशनशिप एक्सपर्ट सीमा आनंद इन दिनों इसी कड़वे सच का सामना कर रही हैं. उनके नाम से AI तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी न्यूड तस्वीरें बनाई गईं और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गईं. FIR दर्ज होने के बावजूद, सीमा आनंद का सबसे बड़ा दर्द कानूनी प्रक्रिया नहीं बल्कि लोगों की असंवेदनशील और अपमानजनक प्रतिक्रियाएं हैं. यह मामला न सिर्फ साइबर अपराध बल्कि समाज की सोच और डिजिटल जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है.