महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों अगर कोई नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में है, तो वह है AIMIM की तेज़-तर्रार प्रवक्ता सईदा फलक. सोलापुर की एक जनसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को खुले मंच से चुनौती देने के बाद सईदा फलक का बयान अब सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि सियासी तूफान बन चुका है. उनके समर्थक इसे आत्मसम्मान, लोकतंत्र और बेबाक राजनीति की आवाज़ बता रहे हैं, जबकि विरोधी खेमा इसे जानबूझकर उकसाने वाला और ध्रुवीकरण की कोशिश करार दे रहा है. बीएमसी चुनाव में भले ही महायुति की आंधी चली हो लेकिन सईदा उसमें भी जीत दर्ज करने में कामयाब रहीं.