भारत सीरीज तो जीत गया लेकिन एक अकेले इंसान से फिर हार गया. न्यूजीलैंड में एक बार फिर वही कहानी दोहराई गई जिसे इंडियन फैंस देखते-देखते थक चुके हैं. पहले शाई होप और अब ग्लेन फिलिप्स. इंडियन बॉलर्स में ना जाने ऐसी कौन सी खासियत है कि अगर किसी बल्लेबाज को उनकी गेंदबाजी पसंद आ जाए तो फिर वह उनका स्वागत सत्कार करने में बिल्कुल पीछे नहीं हटते. जैसे शेर के मुंह में खून लग जाता है वैसे ही इंडियन बॉलिंग लाइनअप के खिलाफ अगर एक बार किसी बैटर का बल्ला चल जाए तो फिर रनों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं लेता. लेकिन सवाल सिर्फ शाई होप और ग्लन फिलिप्स के शानदार प्रदर्शन का नहीं है. सवाल भारतीय गेंदबाजों की उस पुरानी आदत का है जो बार-बार विपक्षी बल्लेबाजों को मैच में हावी होने का मौका देती हैं.