किसी की आंखों की रोशनी कम हो सकती है, लेकिन उसके सपनों की उड़ान नहीं. दिल्ली के Blind Relief Association में दृष्टिबाधित बच्चों को सिर्फ पढ़ाया नहीं जाता, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने और आत्मनिर्भर बनने का हुनर भी सिखाया जाता है. यहां बच्चे पढ़ाई के साथ सिलाई, कंप्यूटर, मसाज, संगीत और कई तरह की स्किल ट्रेनिंग लेते हैं. खास बात यह है कि संस्था ट्रेनिंग देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए रोजगार के अवसर भी तलाशती है. State Mirror की इस खास रिपोर्ट में हमने जाना कि कैसे ये बच्चे अपने हुनर से न सिर्फ अपनी जिंदगी बदल रहे हैं, बल्कि दूसरों के घरों को भी रोशन कर रहे हैं.