Donald Trump ने ईरान में कर दी औरंगजेब वाली गलती, अवध ओझा ने बताई वजह; VIDEO

मीडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच, अवध ओझा ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान में औरंगजेब जैसी गलती करने वाला बताया. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने बहुत बड़ी गलती की है और इसका परिणाम क्या होगा ये उन्हें भी नहीं पता.

By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 5 April 2026 4:23 PM IST

28 फरवरी 2026 से मीडिल ईस्ट में जारी जंग अब और भी गंभीर और भयावह मोड़ लेती जा रही है. युद्ध के 37 दिन होने को हैं, लेकिन संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा. इस बीच सोशल मीडिया पर इस जंग को लेकर बयानबाज़ी भी तेज़ हो गई है. लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना कर रहे हैं, वहीं ईरान और इजराइल के विवाद पर चर्चा लगातार बढ़ रही है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अवध ओझा हर दिन जंग की स्थितियों और वैश्विक नेतृत्व पर अपने बेबाक विचार पेश कर रहे हैं. ओझा के अनुसार, ट्रंप ने वही गलती दोहराई है जो 1689 में औरंगजेब ने मराठों के खिलाफ की थी यानी ट्रंप की तुलना सीधे औरंगजेब से किया है.

ट्रंप ने की औरंगजेब वाली गलती

अवध ओझा ने कहा कि 'जो गलती आज डोनाल्ड ट्रंप ने की है, वही गलती 1689 में औरंगजेब ने संभाजी महाराज के साथ किया है. नेतृत्व बचा नहीं, लीडरशिप बची नहीं और सारे मराठी योद्धा तैयार हो गए थे. जिस दिशा में औरंगजेब जाता थे मराठी वहीं से उसे पत्थर मारते थे. 22 साल तक मराठों ने उसे नचा-नचा कर मारा. इसे देखकर सोचो ट्रंप का क्या हाल होगा? ओझा का यह बयान से साफ कहना है अमेरिका ने बहुत बड़ी गलती कर दी है.

ईरान में अमेरिकी गलती और इसके परिणाम

अवध ओझा ने आगे कहा कि 'अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर को मार गिराकर बहुत बड़ी गलती की. नेतृत्व खत्म हो गया, तो अब आप किससे बात करेंगे? आज पूरा ईरान अमेरिका के खिलाफ खड़ा है.' उन्होंने ट्रंप के दावे पर भी कटाक्ष किया कि वह कहते थे कि वहां हमारी बहुत स्वागत होगी, एक सप्ताह में युद्ध पलट देंगे और वहां के लोगों को लोकतंत्र देंगे. यह अमेरिका की सबसे बड़ी भूल साबित हो रही है.'


ओझा के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि मीडिल ईस्ट में अमेरिका का रणनीतिक गलत निर्णय स्थानीय जनता और वैश्विक राजनीति दोनों में गंभीर उलझन पैदा कर रहा है. सोशल मीडिया पर अवध ओझा के वीडियो वायरल हो रहे हैं. उनके विश्लेषण में ऐतिहासिक संदर्भ और आधुनिक राजनीतिक घटनाओं का गहरा मेल है. लोग उनके व्याख्यान को केवल खबर नहीं, बल्कि युद्ध और नेतृत्व की रणनीति का पाठ भी मान रहे हैं.

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