जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में बीते दो हफ्तों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया है. अदिति मिश्रा, जो JNUSU की अध्यक्ष हैं, ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की कुलपति (VC) द्वारा दिए गए एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में दलितों और अश्वेत समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिसके विरोध में छात्र शांतिपूर्ण हड़ताल कर रहे थे, लेकिन हालात तब बिगड़ गए जब कथित तौर पर कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों पर पथराव किया और गाली-गलौज की. उन्होंने दावा किया कि स्थिति इतनी खराब हो गई कि कई छात्रों को अपनी सुरक्षा के लिए बाथरूम में बंद होना पड़ा और पुलिस को बुलाना पड़ा. वहीं, छात्र मनीष चौधरी, जो इस झड़प में शामिल होने का दावा कर रहे हैं, का कहना है कि वामपंथी छात्र संगठनों ने साबरमती हॉस्टल से VC आवास तक मार्च का आह्वान किया था, लेकिन अंत में स्थिति अराजक हो गई. उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोग और कुछ छात्र समूह अकादमिक क्षेत्रों में घुसकर स्कूलों और विभागों को बंद कराने की कोशिश कर रहे थे.