40 दिन तक चली तनावपूर्ण स्थिति के बाद Iran, Israel और United States के बीच ‘सीजफायर’ की घोषणा होते ही एक नया कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत का पड़ोसी और कट्टर प्रतिद्वंद्वी Pakistan खुद को इस सीजफायर का बड़ा खिलाड़ी बताकर जश्न मना रहा है. पाकिस्तान की मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह नैरेटिव बनाया जा रहा है कि उसने बिना जंग लड़े ही कूटनीतिक जीत हासिल कर ली है. वहीं दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम में भारत की चुप्पी को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं- क्या भारत कूटनीतिक रूप से पीछे रह गया है या फिर यह एक सोची-समझी रणनीति है? इन्हीं सवालों को लेकर State Mirror Hindi के एडिटर (इन्वेस्टिगेशन) Sanjeev Chauhan ने भारतीय सेना के रिटायर्ड अधिकारी Colonel Shailendra Singh से एक्सक्लूसिव बातचीत की.रिटायर्ड कर्नल शैलेंद्र सिंह के मुताबिक, "पाकिस्तान लंबे समय से वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ा है। ऐसे में वह हर मौके को कूटनीतिक जीत के रूप में पेश करना चाहता है, चाहे उसमें उसकी वास्तविक भूमिका कितनी ही सीमित क्यों न रही हो." उनके अनुसार, पाकिस्तान का यह जश्न अधिकतर 'नैरेटिव वॉर' का हिस्सा है, वास्तविक रणनीतिक जीत नहीं.