मशहूर अर्थशास्त्री Sharad Kohli के मुताबिक, Iran–Israel तनाव के दौरान जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता से वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल संभव है. तेल महंगा होने से India में महंगाई और आम लोगों के खर्च पर सीधा असर पड़ सकता है. हालांकि, बाजार में अस्थिरता के बीच भारत को ऊर्जा रणनीति और कुछ निवेश क्षेत्रों में अवसर भी मिल सकते हैं. ऐसे समय में सोना सुरक्षित निवेश के रूप में उभर सकता है. इसलिए फाइनेंशियल प्लानिंग और पोर्टफोलियो संतुलन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.