उम्र महज 21–22 साल, लेकिन अल्फ़ाज़ और अहसास ऐसे कि जवान हो या उम्रदराज—हर किसी को अपना दीवाना बना लें. आम-सी दिखने वाली लेकिन बेहद खास शायरा हिमांशी बाबरा, नोएडा के निठारी गांव से ताल्लुक रखती हैं और मेरठ के दयालपुर के गुर्जर परिवार में जन्मी हैं. उनकी शायरी मंच से दिलों को झकझोर देती है, जहां श्रोता “वन्स मोर” कहने को मजबूर हो जाते हैं. मीडिया से दूर रहने वाली हिमांशी पहली बार State Mirror Hindi के कैमरे पर एडिटर इन्वेस्टिगेशन संजीव चौहान के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में नजर आईं.