चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी बहस के बीच CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी के बीच दर्ज आपत्तियों का मुद्दा चर्चा में है. रिपोर्टों के मुताबिक, संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई फैसलों पर आपत्तियां दर्ज कीं, जबकि ECI का कहना है कि अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए. विवाद का एक प्रमुख हिस्सा SIR और Form 6 में जोड़े गए अतिरिक्त घोषणा प्रावधान से जुड़ा है, जिस पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी. इस मामले पर स्टेट मिरर हिंदी से खास बातचीत में चुनाव आयोग के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर डॉक्टर अमीन ने दिल्ली के उन मतदाताओं का मुद्दा भी उठाया जिनके नाम SIR प्रक्रिया में हटने की बात कही जा रही है, साथ ही BLO और ERO की जिम्मेदारी पर सवाल किए गए. उन्होंने आंतरिक आपत्तियां, वोटर लिस्ट में बदलाव और आयोग की सार्वजनिक सफाई के बीच पारदर्शिता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होनी चाहिए, इस पर भी अपनी राय रखी.