दिल्ली यूनिवर्सिटी में जातिगत भेदभाव के खिलाफ और फिलहाल स्थगित 2026 यूजीसी कानून के समर्थन में हो रहे प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए. नारेबाजी धीरे-धीरे हिंसक माहौल में बदल गई, जिसमें महिला पत्रकार Ruchi Tiwari पर कथित रूप से हमला किया गया. रुचि तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी भीड़ उन्हें घेरकर धमकाने लगी और स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि उन्हें अपनी सुरक्षा का डर महसूस हुआ. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिस सिर्फ कुछ वर्गों की सुरक्षा के लिए है और आम नागरिकों या पत्रकारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा. उन्होंने कहा कि वो लोग मेरे कपड़े फाड़ रहे थे, मेरा गला पकड़ रहे थे, नंगा परेड निकालने की बात कर रहे थे और पुलिस बस खड़ी देखती रही.