भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता पर अर्थशास्त्री डॉ. शरद कोहली ने “स्टेट मिरर हिंदी” पॉडकास्ट में विस्तार से अपनी राय रखी. उन्होंने बताया कि मौजूदा आर्थिक माहौल केवल निवेशकों को ही नहीं, बल्कि पढ़ाई और करियर के लिए विदेश गए भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है. डॉ. कोहली ने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय युवा बेहतर भविष्य की उम्मीद में विदेश गए, लेकिन वहां उन्हें नस्लीय भेदभाव, वीज़ा नियमों की सख्ती और रोजगार बाजार की अनिश्चितता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इसके चलते कई छात्रों और प्रोफेशनल्स को वह सफलता नहीं मिल पाई, जिसकी उन्हें उम्मीद थी.