विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा प्रस्तावित नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. सरकार और आयोग का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति आधारित भेदभाव को रोकना और एक समान शैक्षणिक वातावरण बनाना है, लेकिन छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों का आरोप है कि यह नियम उल्टा असर डाल सकते हैं. कई राज्यों में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और इन नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नए प्रावधान सामाजिक न्याय की भावना को कमजोर कर सकते हैं और इससे वंचित वर्गों के अधिकारों पर असर पड़ेगा. इस मुद्दे पर कॉलेज के प्रोफेसर क्या सोचते हैं, इसे लेकर स्टेट मिरर हिंदी ने बात की दिल्ली यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर आनंद प्रकाश से बात की.