1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने की ऐतिहासिक घटना को कवर करने वाले चश्मदीद फोटो जर्नलिस्ट राजीव त्यागी ने एक पॉडकास्ट में अपने अनुभव साझा किए हैं. महज 22 वर्ष की उम्र में वे अयोध्या (तब फैजाबाद) पहुंचे थे और अजंता होटल से लेकर VHP मीडिया सेंटर तक की रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भीड़, तनाव, नारों और अफरा-तफरी के दृश्य को बेहद करीब से देखा. स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर (क्राइम इनवेस्टिगेशन) संजीव चौहान से बातचीत में उन्होंने 6 दिसंबर 1992 के दिन के हर पल को विस्तार से बतायाकि जमीन पर असल में क्या हो रहा था, क्या दिख रहा था और कैसे इतिहास बनते हुए उन्होंने कैमरे में सब कुछ कैद किया...