मिलिए ट्रक ड्राइवर की बिटिया Fairoz Fatima से, UPSC में पाई 708वीं रैंक- जानिए सफलता की कहानी
उत्तराखंड के पिरान कलियर की फैरुज फातिमा ने UPSC 2025 में 708वीं रैंक हासिल की. ट्रक ड्राइवर की बेटी पहले ही RBI में डिप्टी मैनेजर बन चुकी हैं.
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के पिरान कलियर की एक साधारण परिवार की बेटी ने असाधारण कहानी लिख दी है. ट्रक ड्राइवर की बेटी फैरुज फातिमा ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 708वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि सपनों की उड़ान संसाधनों की मोहताज नहीं होती.
फैरुज फातिमा की इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे इलाके को गर्व से भर दिया है. जैसे ही UPSC का रिजल्ट आया, पिरान कलियर में खुशी की लहर दौड़ गई. पड़ोसी, रिश्तेदार और स्थानीय लोग इस होनहार बेटी को बधाई देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे.
क्या है फैरुज फातिमा की सफलता की पूरी कहानी?
पिरान कलियर क्षेत्र के रहने वाले ट्रक ड्राइवर इकबाल अहमद की बेटी फैरुज फातिमा ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 708वीं रैंक हासिल की है. सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया. उनकी सफलता इस बात का उदाहरण बन गई है कि अगर इरादे मजबूत हों तो हालात भी रास्ता नहीं रोक पाते.
ट्रक ड्राइवर पिता ने कैसे निभाई सबसे बड़ी भूमिका?
फैरुज फातिमा के पिता इकबाल अहमद पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं. आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी. उन्होंने हमेशा अपनी बेटी का हौसला बढ़ाया और उसे बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया. यही वजह रही कि फैरुज ने कठिन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बना लिया.
पढ़ाई के साथ खेल में भी बनाया नाम?
फैरुज फातिमा केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि खेल के मैदान में भी सक्रिय रही हैं. बताया जाता है कि वह उत्तराखंड की रग्बी खिलाड़ी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं. पढ़ाई और खेल दोनों के बीच संतुलन बनाकर उन्होंने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की.
क्या UPSC से पहले भी हासिल कर चुकी हैं बड़ी नौकरी?
UPSC में सफलता पाने से पहले ही फैरुज फातिमा ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की थी. साल 2024 में उनका चयन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में डिप्टी मैनेजर के पद पर हुआ था. फिलहाल वह इसी पद पर कार्यरत हैं. अब UPSC में सफलता मिलने के बाद उनके सामने प्रशासनिक सेवा में जाने का रास्ता खुल गया है.
बेटियों के लिए क्यों बनी प्रेरणा?
फैरुज फातिमा की सफलता को स्थानीय लोग एक बड़ी प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं. लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिस तरह उन्होंने मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है, वह उन सभी बेटियों के लिए संदेश है जो बड़े सपने देखती हैं.
क्या कहती हैं फैरुज फातिमा अपनी सफलता पर?
अपनी सफलता पर फैरुज फातिमा ने कहा कि 'मेरा सपना बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज और देश की सेवा करना था. आखिरकार मुझे सफलता मिल ही गई. मेरी इस उपलब्धि पर माता-पिता और परिवार के सदस्य बेहद खुश हैं."
उत्तराखंड की एक और बेटी ने रचा इतिहास?
इसी UPSC परीक्षा में उत्तराखंड के लोहाघाट की अनुप्रिया राय ने भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने लगातार तीसरी बार UPSC परीक्षा पास कर सफलता की हैट्रिक लगाई है, जिससे राज्य का नाम रोशन हुआ है.
जौनसार-बावर के तीन युवाओं ने हासिल की बड़ी सफलता
देहरादून जिले के जौनसार-बावर क्षेत्र के तीन युवाओं ने UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है.
- कुमारी आस्था चौहान – डॉ. नरेंद्र सिंह चौहान की सुपुत्री, ग्राम बृनाड़
- स्वप्निल सेमवाल – मुकेश सेमवाल के सुपुत्र, ग्राम जखनोग (बाडवाला)
- आयुष सेमवाल – सुंदरलाल सेमवाल के सुपुत्र, ग्राम जखनोग (लखवाड़)
इन तीनों युवाओं की सफलता से जौनसार-बावर क्षेत्र में खुशी की लहर है और स्थानीय लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं.
प्रदेश के अन्य युवाओं ने भी हासिल की शानदार रैंक
UPSC 2025 में उत्तराखंड के अन्य प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है.
- मीनल नेगी (टिहरी) – Rank 66
- आशुतोष नौटियाल (उत्तरकाशी) – Rank 398
- ऋषभ नौटियाल (उत्तरकाशी) – Rank 552
- सौम्या गर्ब्याल (नैनीताल) – Rank 822
इन युवाओं की उपलब्धि ने प्रदेश के छात्रों के लिए नई प्रेरणा का काम किया है.