कौन हैं GST कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह? शंकराचार्य विवाद को लेकर सीएम योगी के पक्ष में दिया इस्तीफा

कौन हैं GST कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह. जिन्होंने शंकराचार्य विवाद को लेकर सीएम योगी के पक्ष में इस्तीफा दे दिया है.;

GST Commissioner Prashant Kumar Singh

(Image Source:  X/ @JyotiDevSpeaks, @SachinGuptaUP )
Edited By :  विशाल पुंडीर
Updated On :

Who Is Prashant Kumar Singh: उत्तर प्रदेश में UGC के नए नियमों को लेकर चल रहे विरोध ने अब प्रशासनिक इस्तीफों का रूप ले लिया है. बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद ही विवाद चर्चा में था, लेकिन अयोध्या से आई खबर ने इसे और गंभीर बना दिया है. अयोध्या में तैनात GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे पूरे राज्य में इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज हो गई है.

पहली नजर में यह इस्तीफा UGC नियमों के विरोध से जुड़ा दिख सकता है, लेकिन असल वजह प्रशासनिक और धार्मिक हस्तियों के बीच टकराव के रूप में सामने आ रही है. प्रशांत कुमार सिंह के इस्तीफे ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि उच्च अधिकारियों के पद छोड़ने के पीछे राजनीतिक और सामाजिक दबाव कितने प्रभावशाली हो सकते हैं.

प्रशांत कुमार सिंह के इस्तीफे की वजह

प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे की चिट्ठी में स्पष्ट लिखा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की कुछ टिप्पणियों से उन्हें व्यक्तिगत रूप से आघात हुआ. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई टिप्पणियों को वे सहन नहीं कर पाए.

उन्होंने लिखा "जिस प्रदेश का नमक और रोटी खाता हूं, प्रदेश के वेतन से मेरा परिवार चलता है. अगर उस प्रदेश के मुखिया पर असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया जाएगा, तो मुझे दर्द होगा. मेरे अंदर भी दिल है और संवेदना है. क्योंकि मैं यूपी कर्मचारी नियमावली के तहत बंधा हुआ हूं. दो दिनों से इस पीड़ा को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था, इसलिए राज्यपाल को इस्तीफा भेज दिया है." इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की अपील भी की है.

कौन हैं प्रशांत कुमार सिंह?

प्रशांत कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ GST अधिकारी हैं और अयोध्या में GST डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात थे. उन्हें ईमानदार, मेहनती और नियमों के प्रति समर्पित अधिकारी के रूप में जाना जाता है. अपने इस्तीफे में उन्होंने साफ किया कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'अन्नदाता' मानते हैं और उनके अपमान को बर्दाश्त नहीं कर सकते.

Similar News