स्ट्रीट फूड की सनक! मोमोज की दीवानगी में 14 साल का बच्चा बना चोर, घर का एक-एक गहना बेच खाया
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मोमोज की लत ने 14 वर्षीय नाबालिग को अपराध की राह पर धकेल दिया. रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में रहने वाले इस बच्चे ने अपने ही घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने चुरा लिए और उन्हें मोमोज विक्रेता को देकर खाना खाता रहा. परिवार को तब शक हुआ जब अलमारी से जेवर गायब मिले.;
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद विचित्र और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां मोमोज जैसी एक साधारण स्ट्रीट फूड की लत ने एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़के को इतना आदी बना दिया कि उसने अपने ही घर से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के गहने चुरा लिए. यह घटना रामपुर कारखाना पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई, जहां बच्चे ने गहनों को चुपके-चुपके मोमोज के ठेले वाले को सौंपकर बदले में मोमोज खाए.
परिवार को लंबे समय तक शक नहीं हुआ, लेकिन जब चाची ने अपने गहने लेने के लिए अलमारी खोली, तो कीमती जेवर गायब मिले. पूछताछ में लड़के ने कबूल किया कि उसकी मोमोज की तलब इतनी बढ़ गई थी कि वह रोजाना ठेले पर पहुंचकर गहने देकर खाना मांगता था. पुलिस ने शिकायत मिलने पर जांच शुरू कर दी है और मोमोज विक्रेता को तलाश रही है. यह घटना न केवल एक परिवार की आर्थिक क्षति की कहानी है, बल्कि आज के दौर में बच्चों में फास्ट फूड की बढ़ती लत और उसके गंभीर परिणामों की चेतावनी भी देती है.
स्ट्रीट फ़ूड की दीवानगी
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव से जुड़ा हुआ है. यहां रहने वाला 14 साल का एक नाबालिग लड़का, जो सामान्यत स्कूल जाता था और परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रहा था, धीरे-धीरे मोमोज खाने का शौकीन हो गया. मोमोज, जो आजकल उत्तर भारत के हर छोटे-बड़े शहर और कस्बे में स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा ठेलों पर बेचे जाते हैं, इस बच्चे की दिनचर्या का हिस्सा बन गए. शुरुआत में वह घर से मिलने वाली जेब खर्च या पॉकेट मनी से मोमोज खरीदता था, लेकिन जैसे-जैसे उसकी लत बढ़ी, पैसे कम पड़ने लगे.
चुपके-चुपके चुराता गहने
धीरे-धीरे बच्चे ने घर में मौजूद कीमती सामान पर नजर डालनी शुरू कर दी. परिवार में महिलाओं के पास सोने के हार, चेन, कंगन, अंगूठियां और अन्य गहने थे, जो पीढ़ियों से संभाले जा रहे थे. लड़के ने चुपके से अलमारी खोलना शुरू किया और छोटे-छोटे गहने निकालकर रामपुर कस्बे में लगे मोमोज के ठेले पर ले जाने लगा. ठेले वाले को गहने देकर वह बदले में ढेर सारे मोमोज मांगता था. कभी-कभी वह एक-दो टुकड़े गहने देकर कई दिनों तक मोमोज खाता रहा. यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा, जिससे परिवार में रखे कई गहने गायब हो गए. परिवार को शुरू में शक नहीं हुआ क्योंकि गहने रोजाना इस्तेमाल में नहीं आते थे और अलमारी बंद रहती थी.
अलमारी से जेवर हुए गायब
मामला तब सामने आया जब लड़के की चाची अपने मायके जाने वाली थी. उन्होंने अलमारी खोलकर अपने गहने निकालने की कोशिश की, लेकिन ज्यादातर जेवर गायब मिले. यह देखकर पूरा परिवार स्तब्ध रह गया. तुरंत पूछताछ शुरू हुई और घर में मौजूद सभी सदस्यों से बात की गई. अंत में नाबालिग लड़के पर शक हुआ और जब उससे सख्ती से पूछा गया, तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह मोमोज की लत के कारण ऐसा कर रहा था. वह रोजाना ठेले पर जाता था और गहने देकर मोमोज लेता था. ठेले वाला भी बिना किसी संकोच के गहने ले लेता था और मोमोज दे देता था.
जल्द होगी आरोपी बच्चे से पूछताछ
परिवार ने तुरंत रामपुर कारखाना पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है. वे विवरणों की पुष्टि कर रहे हैं और जल्द ही आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ करेंगे. पुलिस अब मोमोज विक्रेता का पता लगा रही है, क्योंकि वह गहनों को प्राप्त करने वाला मुख्य व्यक्ति है. चोरी हुए गहनों का कुल मूल्यांकन भी किया जा रहा है, जो लाखों रुपये में बताया जा रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में इसका अनुमान कई लाख रुपये तक लगाया गया है.