नोएडा में दिखा Middle East War का असर: गारमेंट एक्सपोर्ट 40% Down, कारोबार से लेकर लेबरों तक मचा हाहाकार

ईरान-इजरायल युद्ध का असर नोएडा के गारमेंट एक्सपोर्ट पर, 40% तक गिरावट, ऑर्डर रुके, पेमेंट अटकी और लेबर संकट गहराया. इसको लेकर स्टेट मिरर के संवाददाता ने बातचीत की है.

मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष का असर अब भारत के उद्योगों पर भी साफ दिखने लगा है. खासकर नोएडा का गारमेंट एक्सपोर्ट सेक्टर इस युद्ध की सीधी मार झेल रहा है, जहां ऑर्डर रुक गए हैं, पेमेंट अटक गई है और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.

स्टेट मिरर की टीम ने इस गंभीर स्थिति को समझने के लिए नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठकराल से खास बातचीत की. उन्होंने खुलकर बताया कि कैसे इस युद्ध ने कारोबार की रफ्तार को लगभग थाम दिया है और उद्योग के सामने अभूतपूर्व संकट खड़ा कर दिया है.

क्या मिडिल ईस्ट युद्ध ने भारत के गारमेंट एक्सपोर्ट को झटका दिया है?

ललित ठकराल ने बताया, "देखिए पूरे भारत में देखा जाए तो देखिए जो हमारी total export है वो है 16 billion dollar की, जिसमें साढ़े पांच billion dollar जो है वो America जाती है. बाकी जो export है उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा Dubai जाता है. Saudi Arabia, Dubai उसके आसपास Dubai जाता है सारा माल और वहां से कई और countries को माल जाता है. South Africa जाता है, Russia भी वहां से जाता है."

उन्होंने आगे कहा कि "अब जब से यह war हुई है तब से जो Dubai के अंदर इतने store हैं वहां एक तो सारा आवागमन खत्म हो गया, Tourist नहीं आ रहे. तो जो stores में माल, वहां कितने बड़े-बड़े store खुले हैं, उनमें माल बिक नहीं रहा. वो माल रुक गया. उनके Already order चल रहे थे सारे वो उन्होंने रोक दिए. जो माल गए हुए हैं उनकी payment भी नहीं आ रही क्योंकि वहां सब bank भी बंद है."

क्या नोएडा के एक्सपोर्ट पर सीधा असर पड़ा है?

ठकराल ने साफ तौर पर आगे कहा कि 'जहां तक मैं बात करूं पूरे India का बहुत बड़ा हिस्सा इसके अंदर लेकिन Noida की बात करें तो 10 से 15% Noida की export भी Dubai जाती थी. जिसका उसका Noida पर बहुत काफी असर पड़ा इस बात का." इसका मतलब है कि दुबई पर निर्भरता के चलते नोएडा की फैक्ट्रियां सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं.

क्या पहले ट्रंप टैरिफ और अब युद्ध ने दोहरा झटका दिया है?

उन्होंने कहा कि "Trump के tariff और penalty से बहुत नुकसान हुआ. जो America की main जो कंपनियां काम करती थी हमारे 18 से 20 हज़ार करोड़ का हमें नुकसान हुआ उसके अंदर जो काम रुक गया." इसके बाद उन्होंने बताया, "लेकिन उसके बाद अचानक यह war Iran की war शुरू हो गई... जिसका कुल मिलाकर असर हमारे economy पर पड़ रहा है. तेल भी महंगा हो गया..."

क्या लेबर संकट भी गहराता जा रहा है?

ठकराल ने कहा, "जो सबसे बड़ी problem है कि यहां हमारे labor भी अभी नहीं है. Labor गांव गई है. जो होली में गए थे वो आ नहीं रहे वापस. कहते हैं cylinder बहुत महंगा हो गया." उन्होंने आगे बताया, "देखिए, जो labor गांव गई हुई थी, हमने उनको phone करके बुलाने की कोशिश की, बुलाया उनको. वो आ नहीं रहे थे. वो कह रहे थे महंगा cylinder है. मैंने कहा तुम आ जाओ, तुम्हारे cylinder की guarantee मेरी है."

क्या गैस सिलेंडर की कालाबाजारी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं?

इस पर ठकराल ने नाराजगी जताते हुए कहा, "देखिए, cylinder की जहां तक बात है, देखिए लोग ना आपदा में अवसर ढूंढते हैं. यह जो जमाखोरी करके और जो black में cylinder बेच रहे हैं बहुत गलत बात है." उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "कल हनुमान जयंती है. किसी ने मुझे बताया मेरे जानने वाले ने कि उन्होंने भंडारा करना था. उनका ₹10,000 का cylinder मिला. It is a shameful. यह क्या हो रहा है हमारे यहां?"

क्या नए ऑर्डर पूरी तरह ठप हो गए हैं?

ठकराल ने बताया, "जो order की बात करें तो order जो हमारे पास आए हुए थे वो भी cutting आदि हुई थी वो भी रोक दी गई. कपड़ा printing में था वो भी रोक दिया गया. सब जो माल तैयार पड़ा है वो भी रुक गया." उन्होंने आगे कहा, "Finishing वाला माल भी रुक गया तो हमने finish करके pack कर दिए हमने. लेकिन माल नहीं जा रहा."

क्या बड़े इंटरनेशनल क्लाइंट्स का काम भी प्रभावित हुआ है?

उन्होंने कहा, "मेरी अपनी factory के अंदर चार store का काम करता हूं मैं Dubai का. मैं apparel group से करता हूं, Lulu group से करता हूं... तो उनका भी सारा माल रुक गया." साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा, "यह उनका कोई कसूर नहीं है इसमें. यह war की वजह से सब कुछ हो रहा है."

क्या 40% तक गिर चुका है नोएडा का बिजनेस?

ठकराल ने साफ कहा कि 'tariff Trump tariff से लेकर इसके Iran, Israel की war के अंदर हमारे Noida की बात करें तो हमारा कम से कम 40% business down है आज.' उन्होंने बताया कि 'Government से बात हुई है. Government ने भी पिछले कुछ दिनों पहले 400 कुछ करोड़ रुपए का एक पैकेज दिया है..और अभी कुछ और भी हमें RoS steel हमारा छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है."

साथ ही उन्होंने कहा कि "पीयूष गोयल जी से बात हुई थी. उन्होंने बोला थोड़ा हिम्मत रखो, काम करो... सरकार और भी कुछ करेगी जिससे हम लोगों को सहायता मिले." ठकराल ने अंत में कहा कि गारमेंट इंडस्ट्री कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सेक्टर है. ऐसे में अगर यह संकट लंबा चला तो लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है.

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