थिएटर में मम्मी-पापा दिखा रहे थे बच्चो को Dhurandhar 2, स्टाफ के पकड़ते ही चले लात-घूसे; Video Viral
लखनऊ में A सर्टिफिकेट फिल्म ‘धुरंधर 2’ देखने पहुंचे परिवार को बच्चे के साथ एंट्री से रोका गया, जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया.
लखनऊ में एक परिवार के साथ सिनेमा हॉल के स्टाफ से हुई झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. इस घटना के बाद ऑनलाइन एक नई बहस शुरू हो गई है, जिसमें लोग 'बच्चों की गलत परवरिश' और माता-पिता की जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं. दरअसल, यह परिवार 'धुरंधर 2' (Dhurandhar 2) नाम की एक बहुत ही हिंसक एक्शन फिल्म देखने आया था.
यह फिल्म रणवीर सिंह की है और इसमें अत्यधिक हिंसा दिखाई गई है. सेंसर बोर्ड (CBFC) ने इसे 'A' सर्टिफिकेट (केवल एडल्ट्स के लिए) दिया है. इसका मतलब है कि 18 साल से कम उम्र के किसी भी बच्चे को इस फिल्म में प्रवेश नहीं दिया जा सकता, चाहे माता-पिता उसके साथ हों या नहीं. परिवार अपने साथ एक छोटे बच्चे को लेकर आया था, इसलिए सिनेमा कर्मचारियों ने उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया. इसी बात पर परिवार वाले गुस्सा हो गए और स्टाफ से बहस-तकरार शुरू हो गई, जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गई.
वीडियो में क्या दिख रहा है?
एक छोटा 24 सेकंड का वीडियो वायरल हुआ है. इसमें तीन लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे हैं, घूसे मार रहे हैं और लातें चला रहे हैं. वहीं, एक चौथा व्यक्ति बीच में पड़कर झगड़ा रोकने की कोशिश कर रहा है. फिल्म देखने आए दूसरे लोग यह सब चुपचाप देख रहे थे और अपना मोबाइल निकालकर वीडियो बना रहे थे.
यह पहली घटना नहीं है
ध्यान देने वाली बात यह है कि ठीक एक हफ्ते पहले ही लखनऊ के एमराल्ड मॉल में स्थित इनॉक्स मल्टीप्लेक्स में भी ऐसी ही एक घटना हो चुकी थी. एक व्यक्ति अपने नाबालिग बेटे को उसी फिल्म 'धुरंधर 2' में ले जाने की कोशिश कर रहा था. जब स्टाफ ने रोका तो वह भी नाराज हो गया था.
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
इस घटना पर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है. कई यूजर्स ने माता-पिता की आलोचना की है. एक यूजर (@anshika_writes1) ने कहा कि छोटी उम्र में बच्चों को इतनी भारी-भरकम वयस्क हिंसा दिखाना ठीक नहीं है. इससे उनके मन में हिंसा को सामान्य या यहां तक कि ताकत के रूप में देखना शुरू हो सकता है. उन्होंने पिता के इस व्यवहार को उनकी खुद की कमजोर सोच और गलत मूल्यों का नमूना बताया.
एक अन्य यूजर ने लिखा कि सिनेमा हर किसी के लिए इतनी आसानी से अवेलेबल नहीं होनी चाहिए. उनका कहना था कि कुछ लोग भीड़ की मानसिकता में चलते हैं और फिल्मों का असली मतलब नहीं समझते.' @IndianGems_नाम के यूजर ने भारतीय समाज में इमोशनल इंटेलिजेंस की कमी और बहुत ज्यादा अहंकार को इस तरह की घटनाओं की वजह बताया. उन्होंने इसे कलियुग की निशानी भी करार दिया.' @Honest_Cric_fan ने सीधा सवाल किया जब बोर्डिंग पर साफ-साफ लिखा होता है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रवेश नहीं है, तो माता-पिता बच्चे को लेकर क्यों आते हैं? यह जानबूझकर नियम तोड़ने जैसा है.'
फिल्म के बारे में
'धुरंधर 2' आदित्य धर द्वारा निर्देशित फिल्म है, जो 19 मार्च को रिलीज हुई थी. फिल्म में इतनी ज्यादा हिंसा है कि सेंसर बोर्ड ने इसे सिर्फ 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए पास किया है. बिना वैलिड ऐज सर्टिफिकेट के 18 साल से कम उम्र के बच्चे को अंदर नहीं ले जाया जा सकता.