भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री विवादों में घिर गए हैं. रविवार को एक कथा के दौरान उन्होंने भगवान राम को अच्छा और भगवान श्रीकृष्ण को टेढ़ा बताया था. इतना ही नहीं, उन्होंने अयोध्या धाम को अच्छा बताते हुए वृंदावन को टेढ़ा कहा था. धीरेंद्र शास्त्री की इन टिप्पणियों का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विरोध शुरू हो गया. कई लोगों ने उनकी भाषा और दोनों आराध्यों की तुलना पर सवाल उठाए.

मामला बढ़ता देख धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को अर्थ का अनर्थ करके पेश किया गया है. उन्होंने उन लोगों से माफी भी मांगी, जिनकी आस्था को ठेस पहुंची है. हालांकि, यह विवाद अब धार्मिक मंच से निकलकर उत्तर प्रदेश की सियासत तक पहुंच गया है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले में एंट्री करते हुए धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इस टिप्पणी को ईशनिंदा और अक्षम्य अपराध बताते हुए पूरे मामले की गहरी जांच की मांग की है. इसके साथ ही अखिलेश ने भगवान श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र चलाते हुए एक AI वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया है.

धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण को लेकर क्या कहा था?

दरअसल, रविवार को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा के दौरान भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर टिप्पणी की थी. उन्होंने भगवान राम को अच्छा बताया, जबकि भगवान श्रीकृष्ण को टेढ़ा कहा. इसी तरह उन्होंने अयोध्या धाम को अच्छा और वृंदावन को टेढ़ा बताया था. उनके इस बयान को भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना के तौर पर देखा गया.

कथा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस टिप्पणी को लेकर विरोध शुरू हो गया. लोगों ने सवाल उठाया कि भगवान के अलग-अलग स्वरूपों की इस तरह तुलना क्यों की जा रही है. देखते ही देखते यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया.

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विवाद बढ़ा तो धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी, दी सफाई

बयान पर बढ़ते विरोध के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया और बयान का अर्थ का अनर्थ कर दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी बात से किसी की आस्था को ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं. धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि उनके लिए भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों एक समान हैं. हालांकि, उनकी सफाई के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. अब इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है.

अखिलेश यादव की एंट्री, धीरेंद्र शास्त्री पर साधा निशाना

धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा पोस्ट लिखकर इस टिप्पणी को सनातन समाज की एकता के खिलाफ बताया. अखिलेश ने सवाल उठाया कि भगवान के दो अवतारों के बीच इस तरह की तुलना करने के पीछे क्या मंशा है.

अखिलेश यादव ने लिखा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है कि कोई व्यक्ति सनातन समाज की एकता को तोड़ने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस बात की गहरी जांच होनी चाहिए कि सनातनियों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का षड्यंत्र कौन कर रहा है और इसके पीछे कोई बाहरी शक्ति है या आंतरिक.

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'एक अवतार के मुकाबले दूसरे को बेहतर बताने की साजिश'

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पूजनीय अवतारों के बीच नकारात्मक भाव से जानबूझकर अपमानजनक तुलना की जा रही है. एक अवतार के मुकाबले दूसरे अवतार को बेहतर बताने की साजिश सनातन समाज के खिलाफ गहरी चाल है. उन्होंने कहा कि हर सच्चा सनातनी भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों का उपासक होता है. नवमी और अष्टमी का भेद किसी के मन में नहीं होता. अखिलेश के मुताबिक, इस अवांछित तुलना से सनातन समाज आहत हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि लोकरक्षक और लोकरंजक दोनों एक ही के अवतार हैं और उनकी लीलाएं अपने-अपने समय के अनुरूप हुई हैं. ऐसे में उनकी तुलना करने का तर्क और इसके पीछे की मंशा स्पष्ट होनी चाहिए.

अखिलेश ने बयान को बताया ईशनिंदा, कार्रवाई की मांग की

सपा अध्यक्ष ने अपनी पोस्ट में इस टिप्पणी को ईशनिंदा का अपराध बताते हुए इसे अक्षम्य पाप करार दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वाले व्यक्ति के पीछे किसी साथी की कुटिल मंशा भी हो सकती है. अखिलेश ने चेतावनी दी कि अगर इस तरह की टिप्पणियों को नहीं रोका गया तो समाज में अशांति और असंतोष का माहौल बन सकता है. उन्होंने सर्वोच्च स्तर पर मामले का संज्ञान लेने और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की. अखिलेश ने कहा कि धर्म, मजहब, संप्रदाय या उनके आराध्यों और महापुरुषों के प्रति किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती.

मंदिरों और धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों का भी किया जिक्र

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में धीरेंद्र शास्त्री के बयान के अलावा कई दूसरे धार्मिक मुद्दों का भी उल्लेख किया. उन्होंने देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति के कथित अपमान, मणिकर्णिका घाट को तोड़े जाने, मंदिरों को तोड़ने, शंकराचार्य पर आरोप लगाने और उनके बटुकों पर प्रहार किए जाने जैसे मामलों का जिक्र किया. उन्होंने जन्माष्टमी मनाने पर रोक और तोड़फोड़ से जुड़े मुद्दे भी उठाए. अखिलेश ने सवाल किया कि जो लोग खुद को सनातन का ठेकेदार बताते हैं, वे इस मामले पर कहां हैं. उन्होंने इन घटनाओं को लेकर किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई और जांच की जरूरत बताई.

अखिलेश ने शेयर किया भगवान श्रीकृष्ण का AI वीडियो

इस विवाद के बीच अखिलेश यादव ने भगवान श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र चलाते हुए एक AI वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया. उनके बयान और वीडियो को धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर उनकी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है. फिलहाल भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना को लेकर शुरू हुआ यह विवाद धार्मिक चर्चा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी सुर्खियां बटोर रहा है.