उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक कार की पार्किंग को लेकर ऐसा बवाल हुआ कि मामला सड़क से होते हुए सीधे थाने तक पहुंच गया. विवाद बीजेपी के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ के परिवार और पुलिसकर्मियों के बीच हुआ. आरोप है कि गाड़ी हटाने को लेकर हुई कहासुनी में पुलिसकर्मियों ने पूर्व विधायक के परिजनों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि देर रात पूर्व विधायक खुद नगर कोतवाली पहुंच गए.

अब इस पूरे मामले के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. एक वीडियो में पुलिसकर्मी और पूर्व विधायक के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है. वहीं, थाने के भीतर कोतवाल मनोज शर्मा कुर्सी पीटते हुए अपनी सफाई देते नजर आ रहे हैं. वह कह रहे हैं कि अगर उन्होंने किसी की मां को गाली दी है तो नौकरी से इस्तीफा देकर चले जाएंगे. उनका कहना है कि उनके संस्कार ऐसे नहीं हैं.

कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?

मामला अयोध्या के कोतवाली नगर क्षेत्र की सिविल लाइंस पुलिस चौकी का है. जानकारी के मुताबिक, पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ का परिवार देर रात सिविल लाइंस स्थित एक होटल पहुंचा था. इस दौरान नगर निगम के सामने गाड़ी खड़ी करने को लेकर पुलिसकर्मियों से कहासुनी हो गई.

पुलिस का कहना है कि गाड़ी सड़क पर खड़ी होने की वजह से जाम लग रहा था. ऐसे में चौकी इंचार्ज ने वाहन हटाने के लिए कहा. लेकिन इस बात को लेकर विवाद बढ़ गया. पूर्व विधायक के परिवार का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया.

गाड़ी का चालान कटा, फिर मौके पर पहुंच गए पूर्व विधायक

नगर कोतवाल मनोज शर्मा के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने पहले गाड़ी हटाने को कहा था. इसके बाद वाहन का 500 रुपये का चालान किया गया. पुलिस का दावा है कि करीब आधे घंटे बाद भी वहां भीड़ जुटी हुई थी और कुछ लोग पुलिसकर्मियों से अभद्रता कर रहे थे.

इसी दौरान विवाद बढ़ गया और पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में ले लिया. पुलिस के अनुसार, इन तीनों के खिलाफ शांति भंग की आशंका में कार्रवाई की गई. पुलिस ने यह भी दावा किया कि मेडिकल जांच में तीनों के शराब पीने की पुष्टि हुई है.

दूसरी तरफ, पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ का कहना है कि उनके भाई की गाड़ी में परिवार के सदस्य मौजूद थे. गाड़ी किनारे खड़ी थी और परिवार का एक सदस्य कुछ सामान लेने गया था. उन्होंने चौकी इंचार्ज के व्यवहार पर नाराजगी जताई और कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन किसी से भी बदसलूकी नहीं होनी चाहिए.

थाने पहुंचे पूर्व विधायक तो अधिकारियों के सामने हुई तीखी बहस

परिवार के साथ हुए विवाद की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ देर रात करीब 12 बजे नगर कोतवाली पहुंच गए. यहां उनकी सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी और नगर कोतवाल मनोज शर्मा से बातचीत हुई. इस दौरान माहौल काफी गर्म नजर आया. पूर्व विधायक ने पुलिस के व्यवहार पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि वह अपनी ही सरकार में कानून-व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाना चाहते, लेकिन चौकी इंचार्ज को अपना व्यवहार सुधारना चाहिए.

कुर्सी पीटकर बोले कोतवाल- गाली दी हो तो नौकरी छोड़ दूंगा

इस विवाद का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें नगर कोतवाल मनोज शर्मा थाने के भीतर पूर्व विधायक के सामने अपनी सफाई देते नजर आ रहे हैं. वीडियो में वह कुर्सी पीटते हुए कहते हैं कि अगर उन्होंने किसी की मां को गाली दी हो तो वह नौकरी से इस्तीफा देकर चले जाएंगे. कोतवाल का कहना है कि उनके संस्कार ऐसे नहीं हैं. इस बयान के जरिए वह अपने ऊपर लगे गाली देने के आरोपों को खारिज करते दिखाई दे रहे हैं.

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में पुलिसकर्मियों और पूर्व विधायक के परिवार के बीच तीखी नोकझोंक सुनाई देती है. एक अन्य वायरल क्लिप में कथित तौर पर पुलिसकर्मी अपशब्दों का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए सभी पक्षों का बयान और वीडियो का पूरा संदर्भ जरूरी है.

पूर्व विधायक ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?

बाबा गोरखनाथ ने चौकी इंचार्ज के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी विवाद को बातचीत और शालीनता से सुलझाया जा सकता है. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया और कहा कि जो लोग पुलिस के व्यवहार का विरोध कर रहे थे, उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया? वहीं पुलिस का पक्ष है कि सड़क पर जाम लगने के कारण गाड़ी हटाने को कहा गया था. पुलिस के मुताबिक, बाद में कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार किया, जिसके बाद तीन युवकों को हिरासत में लिया गया. फिलहाल पार्किंग से शुरू हुआ यह विवाद पुलिस के व्यवहार, कथित गाली-गलौज और हिरासत में लिए गए युवकों की कार्रवाई को लेकर चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद अब दोनों पक्षों के दावों और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं.