Sadhvi Prem Baisa Death Case : DEXONA इंजेक्शन, इंस्टाग्राम पोस्ट, पिता-गुरु पर शक! साध्वी प्रेम बाईसा केस में उठे नए सवाल
राजस्थान के जोधपुर में 25 वर्षीय प्रसिद्ध कथा वाचिका और भजन गायिका साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक मौत ने सनसनी मचा दी है. खांसी-जुकाम की शिकायत के बाद आश्रम में लगाए गए डेक्सोना इंजेक्शन के कुछ ही मिनटों में उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई. मामला इसलिए और रहस्यमय हो गया क्योंकि मौत के चार घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक भावुक पोस्ट शेयर हुई.;
राजस्थान के जोधपुर शहर में एक 25 साल की युवा साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक मौत ने पूरे इलाके में सदमा पहुंचा दिया है. वे अपनी बहुत ही मीठी और सुरीली आवाज में कथा सुनाने और भजन गाने के लिए काफी मशहूर थी. हजारों-लाखों लोग उनकी भक्ति और प्रवचनों से जुड़े हुए थे. उनकी इंस्टाग्राम पर 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे और यूट्यूब पर भी बहुत लोग उन्हें सुनते थे. लेकिन बुधवार, 28 जनवरी 2026 को उनकी मौत हो गई, जिसने सबको हैरान कर दिया।मौत कैसे हुई?पिछले कुछ दिनों से साध्वी प्रेम बाईसा को तबीयत ठीक नहीं लग रही थी. उन्हें खांसी-जुकाम जैसी शिकायत थी. आश्रम (साधना कुटीर आश्रम, बोरानाडा इलाके में) में ही एक कंपाउंडर (जो इंजेक्शन लगाने वाला व्यक्ति था) को बुलाया गया.
आरोप है कि उसने उन्हें डेक्सोना (DEXONA) नाम का इंजेक्शन लगाया. यह इंजेक्शन आमतौर पर सूजन या एलर्जी कम करने के लिए दिया जाता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके गंभीर साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं. इंजेक्शन लगने के सिर्फ 5 मिनट बाद ही उनकी हालत बहुत बिगड़ गई वे बेहोश हो गईं. उनके पिता और गुरु वीरमनाथ (जिन्हें महंत वीरमनाथ भी कहा जाता है) ने जल्दी से उन्हें जोधपुर के प्रेक्षा अस्पताल (Preksha Hospital) पहुंचाया. लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें ब्रॉट डेड यानी अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया. शाम करीब 5:30 बजे उनकी मौत हो चुकी थी. अब सब पूछ रहे हैं- क्या एक आम इंजेक्शन से इतनी स्वस्थ और युवा लड़की की जान जा सकती है? या इसमें कोई लापरवाही, गलत दवा या कुछ और था?.
6 महीने पहले का वो वायरल वीडियो
मामला और भी उलझा हुआ है एक पुराने वीडियो से. जुलाई 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया था. उसमें साध्वी प्रेम बाईसा अपने कमरे में लेटी दिख रही थी. एक शख्स कमरे में आता है, उनके गाल सहलाता है और फिर दोनों एक-दूसरे को गले लगाते हैं. यह वीडियो देखकर लोग बहुत गुस्सा हुए और सवाल उठाए, क्योंकि वो शख्स कोई और नहीं, बल्कि उनके पिता और गुरु वीरमनाथ ही थे. साध्वी ने खुद सफाई दी थी कि यह वीडियो पुराना था (करीब 4 साल पुराना), कई लोग मौजूद थे, और यह सिर्फ भावुक गले मिलना था. लेकिन कुछ लोगों ने इसे गलत तरीके से एडिट करके फैलाया और बदनामी की कोशिश की. इस वजह से उन्हें काफी मानसिक परेशानी हुई. सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और ब्लैकमेलिंग भी हुई क्या इस तनाव ने उनकी सेहत पर असर डाला? या कुछ और?. साध्वी प्रेम बाईसा के भाई कहते हैं, 'इस कठिन समय में, हम जो भी यहां खड़े हैं, साध्वी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए हैं... उनकी मेडिकल जांच करवाने के लिए... और न्याय पाने के लिए जो भी करना पड़े, हम करेंगे... हमें बस न्याय चाहिए.'
मौत के 4 घंटे बाद इंस्टाग्राम पोस्ट
सबसे बड़ा रहस्यसबसे ज्यादा हैरानी वाली बात यह है कि मौत के बाद भी उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट आया. रात करीब 9:30 बजे (यानी मौत के लगभग 4 घंटे बाद) एक लंबी भावुक पोस्ट शेयर हुई. उसमें लिखा था कुछ ऐसा- इस दुनिया को अलविदा कह रही हूं... जीते जी न्याय नहीं मिला, शायद जाने के बाद मिले... ऊपर वाले के दरबार में न्याय होगा.' इसमें सनातन धर्म के प्रति समर्पण, अग्नि परीक्षा का जिक्र और ब्लैकमेलिंग-ट्रोलिंग का दर्द भी था. लोग इसे डिजिटल सुसाइड नोट या डेथ नोट कह रहे हैं. लेकिन सवाल यह है अगर साध्वी की मौत 5:30 बजे हो गई थी, तो 9:30 बजे यह पोस्ट किसने डाला? क्या उन्होंने पहले से शेड्यूल कर रखा था? या किसी ने उनके फोन/अकाउंट से यह पोस्ट किया? पुलिस इसकी जांच कर रही है.
पुलिस जांच और पिता पर शक
पुलिस ने आश्रम को सील कर दिया है. कंपाउंडर को हिरासत में लिया गया है. मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक चीजें जब्त की गई हैं। पोस्टमार्टम महात्मा गांधी अस्पताल में हुआ है और विशरा (अंगों के सैंपल) सुरक्षित रखे गए हैं ताकि जहर या ड्रग रिएक्शन का पता चल सके।पिता वीरमनाथ पर भी कुछ लोग शक कर रहे हैं, क्योंकि वे पिता भी हैं और गुरु भी. वीडियो विवाद के बाद परिवार में तनाव की बातें हो रही हैं। लेकिन अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं है. पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है – मेडिकल लापरवाही, आत्महत्या को उकसाना या हत्या. कई नेता जैसे हनुमान बेनीवाल ने CBI जांच की मांग की है. उनके लाखों भक्त न्याय की गुहार लगा रहे हैं. अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव जास्ती (ओसियां के पास) में हुआ।यह मामला अभी रहस्य से भरा हुआ है. फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की जांच से ही सच्चाई सामने आएगी कि यह हादसा था, लापरवाही थी या कोई साजिश। साध्वी प्रेम बाईसा की याद में उनके फॉलोअर्स अब भी भजन गा रहे हैं और न्याय मांग रहे हैं.