RBSE Result: दिव्या भादू ने बताया 12वीं टॉप करने का मंत्रा, बिना कोचिंग हासिल किए 500 में से 499 अंक
RBSE 12वीं में दिव्या भादू ने 499/500 अंक हासिल कर राजस्थान टॉप किया। जानिए उनका सेल्फ स्टडी मंत्र, हॉस्टल लाइफ और IAS बनने का सपना।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 12वीं कक्षा के नतीजे एक बार फिर यह बात साबित कर गए हैं कि अगर किसी के इरादे फौलादी और मजबूत हों, तो सफलता खुद-ब-खुद उसके कदम चूमने लगती है. इस साल की मेरिट लिस्ट में सीकर के प्रसिद्ध शेखावाटी स्कूल की एक होशियार छात्रा दिव्या भादू ने पूरे राजस्थान में अपनी चमक बिखेर दी है. विज्ञान की PCB स्ट्रीम (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) में दिव्या ने शानदार प्रदर्शन किया और पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर दिया. उनकी यह सफलता सिर्फ अच्छे अंकों की कहानी नहीं है, बल्कि अनुशासन, मेहनत और ऊंचे सपनों की प्रेरणादायक कहानी है.
हॉस्टल में रहकर बुना सफलता का ताना-बाना
दिव्या ने अपनी पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए घर के आराम और परिवार की गोद को छोड़ दिया. उन्होंने सीकर के शेखावाटी स्कूल के हॉस्टल को अपना नया घर बना लिया. दिव्या बताती हैं कि हॉस्टल का अनुशासित माहौल उनके लिए बहुत फायदेमंद रहा. वहां कोई भटकाव नहीं था, कोई व्यर्थ की बातें नहीं थीं. पूरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर रहता था. इससे उनका समय बर्बाद नहीं होता था और वे लगातार अपनी पढ़ाई में आगे बढ़ती रहीं.
'सेल्फ स्टडी'- दिव्या का सबसे बड़ा सक्सेस मंत्र
आजकल ज्यादातर छात्र-छात्राएं भारी-भरकम कोचिंग संस्थानों और ट्यूशन क्लासेस के चक्कर में फंस जाते हैं. लेकिन दिव्या ने इस रास्ते को नहीं चुना. उन्होंने सेल्फ स्टडी यानी खुद से पढ़ाई को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया. दिव्या का कहना है कि स्कूल में जो कुछ भी शिक्षक पढ़ाते हैं, उसे घर आकर या हॉस्टल में खुद से अच्छे से दोहराना और समझना सबसे जरूरी है. कोचिंग पर निर्भर रहने की बजाय उन्होंने अपनी समझ और मेहनत पर भरोसा किया. यही उनका सबसे बड़ा राज था, जिसकी वजह से वे इतनी बड़ी सफलता हासिल कर सकीं.
IAS बनना है दिव्या का सपना
दिव्या विज्ञान की छात्रा हैं, लेकिन उनका सपना डॉक्टर बनने का नहीं है. उनका दिल समाज सेवा और देश की सेवा में धड़कता है. वे भविष्य में एक अच्छी IAS अधिकारी बनना चाहती हैं. वे कहती हैं कि प्रशासनिक सेवाओं के जरिए वे गरीबों, गांवों और जरूरतमंद लोगों की मदद करना चाहती हैं. उनका यह सपना उनकी सोच की ऊंचाई को दिखाता है.
शेखावाटी स्कूल का गर्व
शेखावाटी एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन श्री बी.एल. रणवां ने बताया कि उनकी छात्रा दिव्या भादू ने 500 में से 499 अंक हासिल करके पूरे राजस्थान में टॉप किया है. उन्होंने शेखावाटी स्कूल का नाम पूरे प्रदेश में रोशन कर दिया है. इसके अलावा, इस साल 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में स्कूल के नतीजे बहुत शानदार रहे. 95 प्रतिशत से ज्यादा अंक पाने वाले 106 छात्र-छात्राएं रहे, जबकि 90 प्रतिशत से ऊपर अंक लाने वाले 264 विद्यार्थी रहे. सफलता पाने वाले सभी छात्रों को स्कूल में बधाई देने वालों की भीड़ लगी रही.
एक साधारण परिवार की असाधारण बेटी
दिव्या भादू राजस्थान के सुदूर बाड़मेर जिले के सीमावर्ती छोटे से गांव धनाऊ की रहने वाली हैं. उनके पिता श्री सूजाराम जी सहायक ग्राम सेवक हैं, जबकि उनकी माता श्रीमती द्रोपदी देवी गृहिणी हैं. दोनों ने अपनी बेटी को अच्छे संस्कार और मूल्यों की शिक्षा दी. उन्होंने हमेशा दिव्या को प्रेरणा दी और उनका साथ दिया. दिव्या ने अपनी 10वीं कक्षा की पढ़ाई भी बाड़मेर जिले में ही पूरी की थी. पिछले दो साल से वे सीकर के शेखावाटी स्कूल के हॉस्टल में रहकर 12वीं की तैयारी कर रही थीं.