Kanchan Kumari Murder Case: मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों भगोड़ा घोषित, इंटरपोल एक्शन की तैयारी

कमल कौर भाभी हत्याकांड में बठिंडा कोर्ट ने मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया है. आरोपी के UAE में छिपे होने की आशंका के बीच इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया तेज हो गई है.;

( Image Source:  @TajinderBagga-X )
By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 10 Feb 2026 10:10 PM IST

पंजाब की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी की निर्मम हत्या के मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है. बठिंडा की एक स्थानीय अदालत ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी और सिख कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह मेहरों को भगोड़ा अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया है. बार-बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश न होने और लगातार फरार रहने के चलते कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया.

अदालत के इस आदेश के बाद अब पंजाब पुलिस के लिए इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने का रास्ता साफ हो गया है. पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद जून 2025 में ही अमृतपाल सिंह मेहरों देश छोड़कर फरार हो गया था और फिलहाल उसके संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में छिपे होने की आशंका है.

अमृतपाल सिंह मेहरों को भगोड़ा क्यों घोषित किया गया?

बठिंडा कोर्ट के मुताबिक, अमृतपाल सिंह मेहरों को कई बार अदालत में पेश होने के लिए समन भेजे गए, लेकिन वह हर बार अनुपस्थित रहा. लगातार गैरहाजिरी और फरारी को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने उसे औपचारिक रूप से भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया. बठिंडा कैंट थाने के एसएचओ दलजीत ढिल्लों ने बताया कि अदालत का आदेश पुलिस को प्राप्त हो चुका है.

क्या आरोपी के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी होगा?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भगोड़ा घोषित होने के बाद अब इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमृतपाल सिंह मेहरों के यूएई में छिपे होने की जानकारी है. इंटरपोल को सभी आवश्यक दस्तावेज और विवरण भेजे जा चुके हैं, आधिकारिक जवाब का इंतजार है.” राज्य सरकार इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है, ताकि आरोपी को भारत प्रत्यर्पित कराया जा सके.

कंचन कुमारी की हत्या कैसे और क्यों की गई?

पुलिस जांच में सामने आया है कि 9-10 जून 2025 की रात अमृतपाल सिंह मेहरों ने अपने साथियों जसप्रीत सिंह और निम्रतजीत सिंह के साथ मिलकर कंचन कुमारी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी. आरोपियों का दावा था कि कंचन सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रही थी, जिसे वे सिख समुदाय की भावनाओं के खिलाफ मानते थे. पुलिस ने इस पूरे कृत्य को “अनधिकृत नैतिक पुलिसिंग” करार दिया है.

हत्या के बाद शव कहां मिला था?

हत्या के बाद आरोपी कंचन कुमारी का शव उसकी ही कार में डालकर बठिंडा के भुच्चो मंडी स्थित आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की पार्किंग में छोड़कर फरार हो गए थे. 11 जून 2025 की शाम को शव बरामद हुआ, जिसके बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया.

मामले में अब तक कौन-कौन गिरफ्तार हुआ है?

इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपी जसप्रीत सिंह और निम्रतजीत सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और दोनों इस समय न्यायिक हिरासत में हैं. इसके अलावा, फरार अमृतपाल सिंह मेहरों की मदद करने वाले रणजीत सिंह को 6 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया. वह फिलहाल तीन दिन की पुलिस रिमांड पर है.

रणजीत सिंह की भूमिका क्या बताई जा रही है?

पुलिस के अनुसार, रणजीत सिंह ने अमृतपाल सिंह मेहरों को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचाने में मदद की थी, जहां से वह यूएई फरार हो गया. अब पुलिस आरोपी के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और फंडिंग नेटवर्क की भी जांच कर रही है.

क्या आरोपी की संपत्ति कुर्क होगी?

फिलहाल अदालत ने अमृतपाल सिंह मेहरों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस दिशा में भी कार्रवाई हो सकती है. मेहरों मोगा जिले के मेहरों गांव का निवासी है और लंबे समय से सिख कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़ा रहा है.

इस हत्याकांड को लेकर समाज में क्या सवाल उठे हैं?

इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने समाज में “नैतिक पुलिसिंग” के नाम पर बढ़ती हिंसा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया कंटेंट के नाम पर किसी व्यक्ति की हत्या करना लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के राज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है.

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