अमृतसर में खतरनाक साजिश नाकाम, हथियारों के इंटरनेशनल नेटवर्क का किया भंडाफोड़, 6 आरोपी हुए गिरफ्तार
पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी से जुड़े संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इस ऑपरेशन के दौरान छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से हथियारों का जखीरा भी बरामद हुआ.
अमृतसर में एक ऐसी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. बाहर से शांत दिखने वाले इस नेटवर्क के पीछे एक खतरनाक खेल चल रहा था, जिसमें सीमा पार से लेकर विदेशों तक के तार जुड़े हुए थे. पुलिस की कार्रवाई ने वक्त रहते इस साजिश को नाकाम कर दिया, लेकिन इसके तरीके और फैलाव ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सामने आया कि यह कोई साधारण मामला नहीं, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर फैला एक संगठित नेटवर्क था. सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर हथियारों की सप्लाई की जा रही थी. फिलहाल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन इस पूरे नेटवर्क के पीछे छिपी कहानी अभी पूरी तरह सामने आना बाकी है.
छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई में छह लोगों को हिरासत में लिया गया है. इनके कब्जे से सात पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये सभी एक संगठित गिरोह का हिस्सा थे, जो पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हथियारों की सप्लाई करता था.
पाकिस्तान और यूरोप से जुड़े नेटवर्क के तार
जांच में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इस नेटवर्क के लिंक पाकिस्तान के साथ-साथ यूरोप के देश पुर्तगाल तक फैले हुए हैं. विदेश में बैठे हैंडलर इन आरोपितों को निर्देश देते थे और इन्हीं के जरिए भारत में हथियारों की सप्लाई करवाई जाती थी.
कैसे होता था कॉन्टैक्ट?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे. इन माध्यमों का इस्तेमाल कर उन्हें निर्देश दिए जाते थे कि कहां और कैसे हथियार पहुंचाने हैं. इससे यह साफ होता है कि तस्कर अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर अपने नेटवर्क को और मजबूत बना रहे हैं.
कैसे होती थी हथियारों की सप्लाई?
जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हथियार सीमा पार भेजे जाते थे. इसके बाद स्थानीय स्तर पर मौजूद आरोपी इन हथियारों को उठाकर तय जगहों तक पहुंचाते थे. हाल के समय में यह तरीका तेजी से बढ़ा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं.
गैंगस्टर गतिविधियों से भी जुड़ा था मामला
पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई कि यह नेटवर्क सिर्फ हथियारों की तस्करी तक सीमित नहीं था. इसका इस्तेमाल गैंगस्टर गतिविधियों और अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए भी किया जा रहा था. इससे इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और स्थानीय संपर्कों की पहचान करने में जुटी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े लिंक की भी गहराई से जांच की जा रही है.
बढ़ती तस्करी बनी चिंता
गौरतलब है कि पंजाब में हाल के समय में ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में इजाफा हुआ है. ऐसे में इस तरह की कार्रवाई को सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके.