Chambal Dragon Video: सोशल मीडिया में बवाल मचा रहा आग उगलने वाला जानवर! पांच वीडियो देख समझिए AI या Real
मध्य प्रदेश के चंबल इलाके से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक जीव को ‘ड्रैगन’ बताया जा रहा है जो मुंह से आग उगलता नजर आता है. वीडियो में कुत्तों के भौंकने और डरावने दृश्य दिखाए गए हैं, जिससे लोग दहशत में आ गए. हालांकि फैक्ट-चेक में सामने आया है कि यह वीडियो असली नहीं बल्कि AI और CGI तकनीक से बनाया गया है. विशेषज्ञों के अनुसार भारत में आग उगलने वाले ड्रैगन का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. यह वीडियो महज अफवाह और डिजिटल ट्रिक है.;
Chambal Dragon Video: सोशल मीडिया की दुनिया में हर रोज कुछ न कुछ ऐसा वायरल होता है जो लोगों को हैरान कर देता है. हाल ही में एक ऐसा वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में एक घर के अंदर एक अजीबोगरीब जीव दिखाई दे रहा है. लोग इसे 'ड्रैगन' कहकर पुकार रहे हैं वीडियो में साफ नजर आता है कि घर के कुत्ते जोर-जोर से भौंकते हैं, और फिर उस जीव के मुंह से आग की लपटें निकलती हुई दिखाई देती हैं. यह दृश्य इतना डरावना लगता है कि देखने वाले लोग डर जाते हैं और सोचने लगते हैं कि क्या यह सच में कोई अलौकिक घटना है. लेकिन अगर हम इसकी गहराई में जाएं, तो पता चलता है कि यह सब एक तरह का छलावा है, जो AI की मदद से बनाया गया है.
यह वीडियो चंबल के किसी गांव का होने का दावा करता है, जहां स्थानीय लोग कह रहे हैं कि रात के समय घर में यह जीव घुस आया. कुत्तों की भौंकों से डरकर उसने मुंह से आग उगली, जैसे पुरानी कहानियों में ड्रैगन करते हैं. सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं. कुछ लोग इसे असली मानकर डर का माहौल बना रहे हैं और कहते हैं कि यह पुराने समय की कोई रहस्यमयी शक्ति का संकेत है. वहीं, कई स्मार्ट यूजर्स इसे मजाक या डिजिटल ट्रिक बता रहे हैं. एक यूजर ने तो कमेंट किया कि 'यह पुराना वीडियो है, जो अब नए रूप में फैल रहा है.' दूसरा कहता है, 'गलत हाथों में पड़ गया AI, अब ऐसे वीडियो हर जगह फैलेंगे.' इस तरह की बातें सोशल मीडिया पर आम हो गई हैं, जहां लोग बिना सोचे-समझे शेयर कर देते हैं.
एडिटिंग की ट्रिक्स ऐसा संभव है
अब अगर हम इस स्टोरी का दूसरा पहलू देखें, तो यह सब एक बड़े मुद्दे की ओर इशारा करता है. सोशल मीडिया पर फेक कंटेंट कैसे लोगों को गुमराह करता है. यह वीडियो असल में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) या CGI (कंप्यूटर जनरेटेड इमेजरी) से बनाया गया लगता है. विशेषज्ञों का कहना है कि असली दुनिया में कोई जीव मुंह से आग नहीं उगल सकता, क्योंकि यह ऑर्गेनिक रूप से असंभव है. रोशनी, कैमरा एंगल और एडिटिंग की ट्रिक्स से ऐसा दिखाया जाता है कि लोग धोखा खा जाते हैं. फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स में साफ बताया गया है कि यह वीडियो नकली है. वन विभाग या प्रशासन की ओर से भी कोई पुष्टि नहीं हुई है कि चंबल में ऐसा कोई जीव पाया गया बल्कि, यह एक तरह का होक्स है, जो लोगों की जिज्ञासा को भुनाने के लिए बनाया जाता है. ऐसे वीडियो से इलाके में डर फैलता है, लोग रात में सतर्क रहते हैं, लेकिन हकीकत में कोई खतरा नहीं होता.
एडवांस AI टूल्स का इस्तेमाल
इस घटना से हमें सीख मिलती है कि सोशल मीडिया पर हर वीडियो या फोटो को सच मान लेना गलत है. आजकल AI टूल्स इतने एडवांस हो गए हैं कि वे असली जैसे दृश्य बना सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर कोई पुरानी क्लिप को एडिट कर नए रूप में पेश करे, तो लोग भ्रमित हो जाते हैं. इस वीडियो में ड्रैगन को एक कोने में बैठा हुआ दिखाया गया है, कभी बंधा हुआ भी, लेकिन यह सब कंप्यूटर की करामात है. सोशल मीडिया यूजर्स इसे 'डॉग वर्सेज ड्रैगन' कहकर मजाक उड़ा रहे हैं, जो दिखाता है कि अब लोग ऐसे कंटेंट को गंभीरता से नहीं ले रहे. गौर किया जाए तो इस वीडियो में जो ड्रैगन दिख रहा है वो दरअसल कुत्ता है जिसपर दूसरे कुत्ते भौंक रहे है. लेकिन किसी ने इसे AI की मदद से इसे ड्रैगन में बदल दिया है.
क्या भारत में हो सकता है ड्रैगन?
अब बात करते हैं मुख्य सवाल की तो, क्या भारत में ड्रैगन पाया जा सकता है? आसान भाषा में कहें, तो नहीं, भारत में कोई असली ड्रैगन नहीं पाया जाता, खासकर वो जो मुंह से आग उगलते हों. ड्रैगन पुरानी कहानियों और मिथकों में पाए जाते हैं, जैसे यूरोपीय या चाइनीज लोककथाओं में. भारत की पौराणिक कथाओं में नाग या अन्य जीव हैं, लेकिन फायर-ब्रीदिंग ड्रैगन जैसा कुछ नहीं. वैज्ञानिक रूप से देखें, तो दुनिया में कोई ऐसा जानवर नहीं है जो आग उगल सके. हालांकि, कुछ जानवरों को 'ड्रैगन' नाम दिया गया है, जैसे इंडोनेशिया का कोमोडो ड्रैगन, जो एक बड़ा लिजर्ड है और जहरीला होता है, लेकिन भारत में नहीं पाया जाता. भारत में 'फ्लाइंग ड्रैगन' नाम के छोटे लिजर्ड (ड्रैको प्रजाति) जरूर हैं, जो दक्षिण भारत के जंगलों में मिलते हैं। ये उड़ने जैसे ग्लाइड करते हैं, लेकिन आग नहीं उगलते और बिल्कुल हानिरहित होते हैं. चंबल जैसे इलाकों में मॉनिटर लिजर्ड या अन्य रेपेटाइल मिल सकते हैं, लेकिन वे ड्रैगन जैसे नहीं होते, तो, कुल मिलाकर, यह वीडियो एक मनोरंजन या धोखे का माध्यम है, असली ड्रैगन भारत में नहीं हैं। हमें विज्ञान और तथ्यों पर भरोसा करना चाहिए, न कि अफवाहों पर.